एक नज़र में
- पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने मनोबल गिराने के आरोपों को खारिज किया
- चयन में अनियमितताओं का मुद्दा उठाने के कारण निशाना बनाए जाने का दावा
- खिलाड़ियों ने खेल मंत्रालय और साइ से जांच की मांग की थी
भारत के पैरा बैडमिंटन कोच गौरव खन्ना ने हाल ही में लगे उन आरोपों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने एशियाई पैरा खेलों के दौरान सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए खिलाड़ियों का मनोबल गिराया था। खन्ना का कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने के लिए गढ़ा गया नैरेटिव है क्योंकि उन्होंने चयन मामलों में दस्तावेजी अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था।
यह विवाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण शुरू हुआ जिसे खन्ना ने बाद में डिलीट कर दिया था। इस पोस्ट में उन्होंने अनुमान लगाया था कि भारत को 2022 खेलों की तुलना में इस बार कम पदक मिलेंगे। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया था कि इस पोस्ट के कारण उन पर दबाव बना और उन्होंने खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण से जांच की मांग की थी।
खन्ना ने आरोपों के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि पोस्ट को कुछ ही मिनटों में डिलीट कर दिया गया था, लेकिन सार्वजनिक आरोप एक हफ्ते बाद लगाए गए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खिलाड़ी प्रमोद भगत ने आधी रात के बाद उस पोस्ट को कैसे देखा जबकि उनके अगले दिन महत्वपूर्ण मैच थे।
खन्ना ने दावा किया कि कुछ योग्य खिलाड़ियों को खेलों के लिए नहीं चुना गया और इसी बात को उठाने के कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चयन मामलों में तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट नहीं करने के कारण भारत ने कम से कम चार संभावित पदक गंवाए।
खबर का संदर्भ
यह विवाद चयन प्रक्रियाओं, दस्तावेजों में अनियमितताओं और सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट को लेकर पैरा बैडमिंटन कोच और खिलाड़ियों तथा संघ के बीच उपजे मतभेदों को दर्शाता है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. गौरव खन्ना कौन हैं?
गौरव खन्ना भारत के पैरा बैडमिंटन कोच हैं।
02. विवाद का मुख्य कारण क्या था?
विवाद का कारण गौरव खन्ना की एक सोशल मीडिया पोस्ट थी जिसमें उन्होंने कम पदक मिलने की बात कही थी, साथ ही चयन में अनियमितताओं के आरोप भी शामिल हैं।
