एक नज़र में
- बाढ़ के बावजूद तय समय पर होगी ओडिशा सिविल सेवा मुख्य परीक्षा
- सरकार प्रभावित जिलों के अभ्यर्थियों को देगी मुफ्त परिवहन
- विपक्ष ने परीक्षा टालने की मांग की, सरकार ने इसे खारिज किया
ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश और बाढ़ के बावजूद ओडिशा सिविल सेवा (ओसीएस) की मुख्य परीक्षा तय समय पर ही आयोजित की जाएगी। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने परीक्षा स्थगित करने की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इसे टालने से दोबारा आयोजन में कम से कम छह महीने का समय लगेगा, जिससे तैयार अभ्यर्थी निराश होंगे।
कांग्रेस और विपक्षी दल बीजद ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परीक्षा आयोजित करने के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस ने इसे स्थगित करने की मांग की थी, जबकि बीजद ने इसे अन्यायपूर्ण और अमानवीय बताया। बीजद छात्र इकाई की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने कहा कि गंजाम और गजपति जिलों के कई इलाके जलमग्न हैं और सैकड़ों अभ्यर्थी फंसे हुए हैं।
सरकार ने प्रभावित अभ्यर्थियों की मदद के लिए कदम उठाया है। गंजाम जिले के 325 और गजपति जिले के करीब 100 अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर प्रभावित जिलों के बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभ्यर्थियों के घरों से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने के लिए निशुल्क और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करें।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट ओडिशा में चक्रवात और बाढ़ के बीच आयोजित होने वाली सिविल सेवा परीक्षा को लेकर सरकार और विपक्षी दलों के रुख को दर्शाती है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. ओडिशा सिविल सेवा मुख्य परीक्षा क्यों चर्चा में है?
चक्रवात और बाढ़ के बीच परीक्षा आयोजित होने तथा विपक्षी दलों द्वारा इसे स्थगित करने की मांग को लेकर यह चर्चा में है।
02. सरकार प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए क्या कर रही है?
सरकार प्रभावित जिलों के अभ्यर्थियों के लिए घर से परीक्षा केंद्र तक आने-जाने की नि:शुल्क परिवहन व्यवस्था कर रही है।
