काली किशमिश पानी: क्या हैं स्वास्थ्य लाभ? जानें फिटनेस और बीमारी से बचाव के उपाय Combating Fatigue And Weakness Naturally
Healthy living: काली किशमिश पानी: क्या हैं स्वास्थ्य लाभ? जानें फिटनेस और बीमारी से बचाव…
उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक वारदातों से चिंतित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक को तलब कर एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कानून व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आदतन व संगठित अपराधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने पुलिस को सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करने, गश्त बढ़ाने और शहरी सुरक्षा अभियानों पर जोर दिया। सीएम धामी ने “अपराध मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोदी सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने का फैसला किया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और प्रधानमंत्री व सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने बुधवार को बजट चर्चा के दौरान पीएम मोदी पर भारत की संप्रभुता से समझौता करने और देश को “बेचने” का आरोप लगाया था। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी जिक्र किया। रिजिजू का कहना है कि संसदीय नियमों के तहत गंभीर आरोप लगाने से पहले नोटिस देना और उन्हें साबित करना अनिवार्य है, जिसका राहुल गांधी ने पालन नहीं किया। सरकार अब उनसे अपने बयानों को साबित करने की मांग कर रही है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े एक गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तिब्बती मार्केट के पास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से लौटते समय दो स्कूटर सवार हमलावरों ने उन्हें करीब से गोली मारी और फरार हो गए। अर्जुन शर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे करीब 40 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी विवाद हो सकता है, जिसमें पारिवारिक और बाहरी दोनों तरह के मतभेद शामिल थे। इस सनसनीखेज वारदात ने देहरादून की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और शहर में दहशत का माहौल है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के लिए विस्तृत नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा, जिसमें सभी को खड़ा रहना होगा। यदि यह राष्ट्रगान के साथ बजाया जाता है, तो ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिकता मिलेगी। स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ होगी, और अब इसके सभी छह अंतरे (3 मिनट 10 सेकंड) गाए जाएंगे। राष्ट्रपति, राज्यपाल और झंडारोहण जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी यह अनिवार्य होगा। हालांकि, सिनेमाघरों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को इन नियमों से छूट दी गई है, जहाँ खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। ये पहला विस्तृत प्रोटोकॉल है।
भारतीय टीम नामीबिया के खिलाफ होने वाले मैच की तैयारी में जुटी है, लेकिन सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई है। पेट की समस्या के कारण उन्होंने टीम के पहले अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया, और उनकी मैच में भागीदारी पर संदेह है। सहायक कोच रयान टेन डेशकाटे ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, टीम के लिए राहत की खबर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। 10 दिनों बाद उन्होंने गेंदबाजी शुरू की है और अपनी फिटनेस में सुधार दिखाया है। बुमराह ने नेट्स में बल्लेबाजों को बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की। संजू सैमसन को संभावित प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्होंने ईशान किशन के साथ अभ्यास किया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर उठे विवाद के सफल समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रशंसा की है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के आग्रह पर मैच के बहिष्कार का अपना फैसला वापस ले लिया है, जिससे अब यह मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शुक्ला ने आईसीसी के अध्यक्ष और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सभी संबंधित बोर्डों के साथ गहन चर्चा और उनके हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने इस समाधान को क्रिकेट की निरंतरता और आगामी विश्व कप की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर जारी विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया के बयान का समर्थन करते हुए। यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में पुस्तक के अंशों का हवाला देने के बाद आया है, जिन्होंने दावा किया था कि पुस्तक उपलब्ध है। प्रकाशक ने भी स्पष्ट किया कि पुस्तक की घोषणा और प्री-ऑर्डर एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन यह अभी तक बिक्री के लिए जारी नहीं की गई है। कोई भी वितरित प्रति अनधिकृत मानी जाएगी। इस घटनाक्रम ने पुस्तक प्रकाशन की वास्तविक परिभाषा को लेकर बहस छेड़ दी है।
भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते के बाद, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह भारत सहित अन्य देशों को सस्ते रूसी तेल खरीदने से रोक रहा है। लावरोव ने कहा कि अमेरिका प्रतिबंधों और शुल्कों के माध्यम से दबाव बना रहा है ताकि देश महंगी अमेरिकी ऊर्जा खरीदें, इसे ‘दबाव की राजनीति’ बताया। उन्होंने यूक्रेन संकट का भी उल्लेख किया और अमेरिकी नीतियों को सहयोग में बाधा बताया। वहीं, भारत ने अपनी ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय हितों पर आधारित बताया है, जिसमें पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य और विश्वसनीय आपूर्ति प्राथमिकता है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह बाजार की स्थिति के आधार पर स्रोतों का विविधीकरण करेगा, भले ही अमेरिका ने हाल ही में भारत पर से अतिरिक्त टैरिफ हटा दिए हों।
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ओमान की राजधानी मस्कट में हुई परोक्ष वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सीधे बातचीत नहीं कर पाए, बल्कि ओमान ने मध्यस्थता की। वार्ता से पहले दोनों ओर से धमकी भरे बयान और सैन्य तैनाती ने माहौल को और गरम कर दिया था। ईरान ने अमेरिकी दल में सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को खुली चेतावनी दी, जबकि ईरान के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर चल रहा था। दोनों देशों के एजेंडे भी अलग थे: अमेरिका व्यापक मुद्दों पर चर्चा चाहता था, जबकि ईरान इसे केवल परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों तक सीमित रखना चाहता था, जिससे बातचीत की सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के रिश्ते, जो 2025 में व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक मतभेदों के कारण ठंडे पड़ गए थे, अब फरवरी 2026 तक पुनः गर्मजोशी पकड़ रहे हैं। भारत और अमेरिका, दो प्रमुख लोकतंत्र, जटिल अंतर्राष्ट्रीय विरोधाभासों के बावजूद सहयोग के नए आयाम तलाश रहे हैं। हालांकि, भारत को अमेरिका-यूरोपीय संघ और रूस-चीन जैसे विभिन्न गुटों के बीच अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और गुटनिरपेक्ष संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना होगा। कूटनीतिक हलकों में अमेरिकी स्टैंड की निरंतरता और उसके ‘नियंत्रित’ करने के प्रयासों पर संदेह बना हुआ है, जबकि भारत ने अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया है। इस बढ़ती निकटता के वैश्विक निहितार्थ गहरे हैं।