कपूर खानदान का संपत्ति विवाद: कोर्ट में वकीलों की तीखी बहस, वीडियो वायरल! Sanjay Kapoor Wealth Court Dispute
Cinema highlight: कपूर खानदान का संपत्ति विवाद: कोर्ट में वकीलों की तीखी बहस, वीडियो वायरल!…
भारतीय टीम नामीबिया के खिलाफ होने वाले मैच की तैयारी में जुटी है, लेकिन सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई है। पेट की समस्या के कारण उन्होंने टीम के पहले अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया, और उनकी मैच में भागीदारी पर संदेह है। सहायक कोच रयान टेन डेशकाटे ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, टीम के लिए राहत की खबर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की वापसी है। 10 दिनों बाद उन्होंने गेंदबाजी शुरू की है और अपनी फिटनेस में सुधार दिखाया है। बुमराह ने नेट्स में बल्लेबाजों को बिना किसी परेशानी के गेंदबाजी की। संजू सैमसन को संभावित प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है, जिन्होंने ईशान किशन के साथ अभ्यास किया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने टी20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर उठे विवाद के सफल समाधान के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की प्रशंसा की है। पाकिस्तान ने बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों के आग्रह पर मैच के बहिष्कार का अपना फैसला वापस ले लिया है, जिससे अब यह मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा। शुक्ला ने आईसीसी के अध्यक्ष और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय सभी संबंधित बोर्डों के साथ गहन चर्चा और उनके हितों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने इस समाधान को क्रिकेट की निरंतरता और आगामी विश्व कप की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने अपनी आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर जारी विवाद पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने पुष्टि की कि उनकी पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, प्रकाशक पेंग्विन रैंडम हाउस इंडिया के बयान का समर्थन करते हुए। यह स्पष्टीकरण कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा संसद में पुस्तक के अंशों का हवाला देने के बाद आया है, जिन्होंने दावा किया था कि पुस्तक उपलब्ध है। प्रकाशक ने भी स्पष्ट किया कि पुस्तक की घोषणा और प्री-ऑर्डर एक मानक प्रक्रिया है, लेकिन यह अभी तक बिक्री के लिए जारी नहीं की गई है। कोई भी वितरित प्रति अनधिकृत मानी जाएगी। इस घटनाक्रम ने पुस्तक प्रकाशन की वास्तविक परिभाषा को लेकर बहस छेड़ दी है।
भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते के बाद, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह भारत सहित अन्य देशों को सस्ते रूसी तेल खरीदने से रोक रहा है। लावरोव ने कहा कि अमेरिका प्रतिबंधों और शुल्कों के माध्यम से दबाव बना रहा है ताकि देश महंगी अमेरिकी ऊर्जा खरीदें, इसे ‘दबाव की राजनीति’ बताया। उन्होंने यूक्रेन संकट का भी उल्लेख किया और अमेरिकी नीतियों को सहयोग में बाधा बताया। वहीं, भारत ने अपनी ऊर्जा नीति को राष्ट्रीय हितों पर आधारित बताया है, जिसमें पर्याप्त उपलब्धता, उचित मूल्य और विश्वसनीय आपूर्ति प्राथमिकता है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह बाजार की स्थिति के आधार पर स्रोतों का विविधीकरण करेगा, भले ही अमेरिका ने हाल ही में भारत पर से अतिरिक्त टैरिफ हटा दिए हों।
मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ओमान की राजधानी मस्कट में हुई परोक्ष वार्ता में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल सीधे बातचीत नहीं कर पाए, बल्कि ओमान ने मध्यस्थता की। वार्ता से पहले दोनों ओर से धमकी भरे बयान और सैन्य तैनाती ने माहौल को और गरम कर दिया था। ईरान ने अमेरिकी दल में सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को खुली चेतावनी दी, जबकि ईरान के भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों का दौर चल रहा था। दोनों देशों के एजेंडे भी अलग थे: अमेरिका व्यापक मुद्दों पर चर्चा चाहता था, जबकि ईरान इसे केवल परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों तक सीमित रखना चाहता था, जिससे बातचीत की सफलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच के रिश्ते, जो 2025 में व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक मतभेदों के कारण ठंडे पड़ गए थे, अब फरवरी 2026 तक पुनः गर्मजोशी पकड़ रहे हैं। भारत और अमेरिका, दो प्रमुख लोकतंत्र, जटिल अंतर्राष्ट्रीय विरोधाभासों के बावजूद सहयोग के नए आयाम तलाश रहे हैं। हालांकि, भारत को अमेरिका-यूरोपीय संघ और रूस-चीन जैसे विभिन्न गुटों के बीच अपनी रणनीतिक स्वायत्तता और गुटनिरपेक्ष संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना होगा। कूटनीतिक हलकों में अमेरिकी स्टैंड की निरंतरता और उसके ‘नियंत्रित’ करने के प्रयासों पर संदेह बना हुआ है, जबकि भारत ने अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया है। इस बढ़ती निकटता के वैश्विक निहितार्थ गहरे हैं।
कांग्रेस ने दावा किया है कि संसद में पीएम केयर्स फंड, पीएम राष्ट्रीय राहत कोष और राष्ट्रीय रक्षा कोष से संबंधित सवाल पूछने पर रोक लगा दी गई है। कांग्रेस के अनुसार, ये निर्देश सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने लोकसभा सचिवालय को दिए हैं। PMO ने कथित तौर पर लोकसभा के नियमों का हवाला देते हुए इन सवालों को अस्वीकार्य बताया है। कांग्रेस ने इस कदम को ‘तानाशाही’ और सांसदों के अधिकारों पर हमला करार दिया है। पीएम केयर्स फंड मार्च 2020 में कोविड-19 के दौरान स्थापित किया गया था और मार्च 2023 तक इसका बैलेंस 6,283.7 करोड़ रुपये था। यह विवाद संसदीय जवाबदेही पर नई बहस छेड़ सकता है।
आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के आठवें मैच में जिम्बाब्वे ने ओमान को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस ग्रुप बी मुकाबले में जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने कहर बरपाया। ब्लेसिंग मुजरबानी, रिचर्ड नगारवा और ब्रैड इवांस ने 3-3 विकेट लेकर ओमान को 103 रनों पर रोक दिया। जवाब में, जिम्बाब्वे ने ब्रायन बेनेट के नाबाद 48 रन और ब्रेंडन टेलर के 31 रनों की बदौलत 104 रनों के लक्ष्य को 11.2 ओवर में आसानी से हासिल कर लिया। ब्लेसिंग मुजरबानी को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में किसी भी बाधा को अस्वीकार्य करार दिया है। न्यायालय ने अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने की समय-सीमा 14 से बढ़ाकर 21 फरवरी कर दी। चुनाव आयोग के नोटिस जलाने और FIR न होने के आरोपों पर SC ने बंगाल के DGP से जवाब मांगा है। यह ऐतिहासिक सुनवाई रही, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अधिकारियों की सूची सौंपने का निर्देश दिया, साथ ही चुनाव आयोग को अधिकारियों की तैनाती में अधिक स्वायत्तता प्रदान की।
जेफरी एपस्टीन की मौत के बाद सामने आए दस्तावेज़ों से एक भयावह योजना का खुलासा हुआ है। एपस्टीन न्यू मेक्सिको स्थित अपने ज़ोरो रेंच को ‘बेबी रेंच’ में बदलना चाहता था, जहाँ महिलाओं को उसके वीर्य से गर्भवती कर एक ‘सुपर रेस’ पैदा की जा सके। उसका लक्ष्य अपनी आनुवंशिक विरासत को फैलाना और एक समय में कम से कम 20 महिलाओं को गर्भवती रखना था। यह योजना ट्रांसह्यूमनिज़्म और यूजेनिक्स जैसे विवादास्पद विचारों से प्रेरित थी। हालांकि, इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि यह अमानवीय योजना कभी लागू की गई थी। ये खुलासे एपस्टीन की विकृत मानसिकता और सत्ता के दुरुपयोग को दर्शाते हैं।