FIDE रैपिड 2025: शतरंज खेल में कार्लसन को झटका, शीर्ष पर कौन? Carlsen Struggles Chess Championship Upsets
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बॉलीवुड स्टार नोरा फतेही ने एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है, वह FIFA वर्ल्ड कप 2022 और ICC मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 दोनों के समारोहों में प्रदर्शन करने वाली पहली भारतीय कलाकार बन गई हैं। कतर में FIFA वर्ल्ड कप 2022 के समापन में उन्होंने ‘लाइट द स्काई’ पर अपनी शानदार प्रस्तुति से दुनिया भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, जिसमें हिंदी अंश भी शामिल थे। इसके बाद, उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के उद्घाटन समारोह में भी अपनी ऊर्जावान परफॉर्मेंस से समां बांधा। यह उपलब्धि भारतीय मनोरंजन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है, जो खेल और पॉप कल्चर के वैश्विक संगम को दर्शाती है, जिससे भारतीय कलाकारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव और संवैधानिक जनमत संग्रह ऐतिहासिक रूप से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने इसे ‘नए बांग्लादेश की दिशा में अभूतपूर्व यात्रा का आरंभ’ बताया। उन्होंने मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी, राजनीतिक दलों के परिपक्व आचरण और सभी संस्थानों की व्यावसायिकता की सराहना की। यूनुस ने चुनाव आयोग, सुरक्षा एजेंसियों और मीडिया सहित सभी सहयोगियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने इसे देश का सबसे शांतिपूर्ण चुनाव करार देते हुए नागरिकों से लोकतंत्र को मजबूत करने और एक जवाबदेह, समावेशी तथा न्यायपूर्ण राष्ट्र के निर्माण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया, इस बात पर जोर देते हुए कि जनता ही सत्ता का अंतिम स्रोत है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की दाहिनी आंख की 85% दृष्टि कम होने की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल चिकित्सा जांच का आदेश दिया है। एमिकस क्यूरी द्वारा अडियाला जेल में खान से मुलाकात के बाद सौंपी गई रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी दाहिनी आंख में केवल 15% रोशनी बची है। मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने 16 फरवरी तक व्यापक नेत्र परीक्षण कराने का निर्देश दिया और उन्हें बेटों व निजी डॉक्टरों से मिलने की भी अनुमति दी। अदालत ने जोर दिया कि कैदी का स्वास्थ्य राज्य की जिम्मेदारी है। खान की बहन अलीमा खान अदालत के बाहर भावुक दिखीं।
ब्रिटेन की राजनीति में जेफरी एस्टीन फाइल्स के खुलासों ने उथल-पुथल मचा दी है, जिससे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर दबाव बढ़ गया है और उनके चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैक्सविनी ने इस्तीफा दे दिया है। इस बीच, लेबर पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के केंद्र में शबाना महमूद का नाम प्रमुखता से उभर रहा है। 45 वर्षीय वकील और वरिष्ठ लेबर नेता शबाना, 2010 से बर्मिंघम की सांसद हैं। ऑक्सफोर्ड से कानून की पढ़ाई करने वाली शबाना ने 2024 में ब्रिटेन की पहली मुस्लिम और तीसरी महिला लॉर्ड चांसलर बनकर इतिहास रचा था, और 2025 में गृह मंत्री बनीं। अब, वह ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बनने की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं।
संसद में बजट सत्र के दौरान लगातार हंगामे और लोकतांत्रिक परंपराओं के क्षरण पर चिंता व्यक्त की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने से रोका गया, जैसा कि 2004 में मनमोहन सिंह के साथ भी हुआ था। इस बार पीएम का प्रस्ताव के मतदान के समय अनुपस्थित रहना एक नया उदाहरण बना। सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दल, विशेषकर कांग्रेस, दोनों ही संसद के सुचारु संचालन में रुचि नहीं दिखा रहे हैं, जिससे महत्वपूर्ण चर्चाएँ बाधित हो रही हैं। भाजपा को गतिरोध से असहज सवालों से बचने का मौका मिलता है, जबकि विपक्ष इसे जनता तक अपनी बात पहुँचाने का प्रभावी तरीका मानता है। संसदीय अवरोध की यह प्रवृत्ति पूर्व में भी रही है, जब विपक्ष में रहते हुए नेताओं ने इसे लोकतंत्र का हिस्सा बताया था।
समाज में महिलाओं पर शादी के बाद संतानोत्पत्ति का भारी दबाव होता है, लेकिन जैसे ही गर्भावस्था वास्तविक और शारीरिक रूप से प्रकट होती है, समाज असहज हो जाता है। यह विरोधाभास अभिनेत्री सोनम कपूर की गर्भावस्था के दौरान की पोशाक को लेकर हुए विवाद से उजागर हुआ। समाज एक ओर माँ बनने की अपेक्षा रखता है, वहीं दूसरी ओर माँ बनने के बाद महिला से अपनी पहचान और इच्छाओं का त्याग करने की मांग करता है। मातृत्व को आदर्श माना जाता है, पर गर्भवती महिला की शारीरिक जरूरतों और आत्मसम्मान की अनदेखी की जाती है। समाज को ‘कोख’ चाहिए, ‘स्त्री’ नहीं। गर्भवती महिला को एक पूर्ण मनुष्य के रूप में स्वीकारने में समाज हिचकिचाता है।
उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक वारदातों से चिंतित मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक को तलब कर एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने कानून व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए अपराधियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आदतन व संगठित अपराधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने पुलिस को सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करने, गश्त बढ़ाने और शहरी सुरक्षा अभियानों पर जोर दिया। सीएम धामी ने “अपराध मुक्त उत्तराखंड” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोदी सरकार ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने का फैसला किया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और प्रधानमंत्री व सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने बुधवार को बजट चर्चा के दौरान पीएम मोदी पर भारत की संप्रभुता से समझौता करने और देश को “बेचने” का आरोप लगाया था। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी जिक्र किया। रिजिजू का कहना है कि संसदीय नियमों के तहत गंभीर आरोप लगाने से पहले नोटिस देना और उन्हें साबित करना अनिवार्य है, जिसका राहुल गांधी ने पालन नहीं किया। सरकार अब उनसे अपने बयानों को साबित करने की मांग कर रही है।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में दिनदहाड़े एक गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तिब्बती मार्केट के पास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से लौटते समय दो स्कूटर सवार हमलावरों ने उन्हें करीब से गोली मारी और फरार हो गए। अर्जुन शर्मा को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के पीछे करीब 40 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी विवाद हो सकता है, जिसमें पारिवारिक और बाहरी दोनों तरह के मतभेद शामिल थे। इस सनसनीखेज वारदात ने देहरादून की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और शहर में दहशत का माहौल है।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के लिए विस्तृत नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय के आदेशानुसार, अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ का गायन अनिवार्य होगा, जिसमें सभी को खड़ा रहना होगा। यदि यह राष्ट्रगान के साथ बजाया जाता है, तो ‘वंदे मातरम’ को प्राथमिकता मिलेगी। स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत के साथ होगी, और अब इसके सभी छह अंतरे (3 मिनट 10 सेकंड) गाए जाएंगे। राष्ट्रपति, राज्यपाल और झंडारोहण जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर भी यह अनिवार्य होगा। हालांकि, सिनेमाघरों और डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को इन नियमों से छूट दी गई है, जहाँ खड़ा होना अनिवार्य नहीं होगा। ये पहला विस्तृत प्रोटोकॉल है।