AI टूल्स से टेक्स्ट से वीडियो कैसे बनाएं? जानिए टॉप 5 गैजेट्स Ai Revolutionizes Video Content Creation
Tech spotlight: AI टूल्स से टेक्स्ट से वीडियो कैसे बनाएं? जानिए टॉप 5 गैजेट्स Ai…
यह लेख ‘टूल-बेल्ट जनरेशन’ नामक एक नए फैशन ट्रेंड पर प्रकाश डालता है, जिसकी शुरुआत एक व्यक्तिगत अनुभव से होती है जहाँ लेखक को एक मच्छरदानी वाली काउबॉय हैट मिलती है। यह ट्रेंड उन लोगों का प्रतिनिधित्व करता है जो शारीरिक श्रम करते हैं और सुरक्षा व आराम देने वाले कार्यात्मक परिधानों को प्राथमिकता देते हैं। जेन-जी युवा अब पारंपरिक ग्रेजुएशन के बजाय मैकेनिक जैसे कौशल-आधारित व्यवसायों में बेहतर आय के अवसर देख रहे हैं, जिसके चलते वे लचीले और पेशेवर-अनुकूल कपड़ों का चुनाव कर रहे हैं। ‘ट्रेड्सपीपल’ की पहचान अब केवल वर्कशॉप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कार्यस्थल पर भी एक फैशनेबल स्टेटमेंट बन रही है। अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड भी इस वर्कवेयर विरासत को बढ़ावा दे रहे हैं, जो कार्यबल की बदलती आवश्यकताओं और आर्थिक पहचान का प्रतीक है।
असम में कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ वाले आरोपों को ‘बेतुका और झूठा’ बताया, साथ ही उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को ‘सुपर फ्लॉप’ करार दिया। गोगोई ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर 12,000 बीघा कीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर यह जमीन गरीबों और भूमिहीनों को वापस दिलाएगी। इससे पहले, मुख्यमंत्री सरमा ने गोगोई पर 2013 में पाकिस्तान की ‘गुपचुप यात्रा’ करने और भारत की खुफिया जानकारी लीक करने का दावा करते हुए NIA जांच की मांग की थी।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में ‘सुनामी’ झूला टूटने से भीषण हादसा हुआ, जिसमें करीब 19 लोग घायल हुए और राहत कार्य के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद शहीद हो गए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शहीद के परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। इंस्पेक्टर प्रसाद, जो 36 साल की सेवा के बाद मार्च में सेवानिवृत्त होने वाले थे, ने लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। पुलिस ने झूला संचालक और एक कर्मचारी को गैर-इरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।
मुजफ्फरनगर में 2013 के भीषण दंगों से जुड़े एक मामले में, स्थानीय अदालत ने हत्या, लूट और आगजनी के आरोपों का सामना कर रहे 22 आरोपियों को बरी कर दिया है। शासकीय अधिवक्ता नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कनिष्क कुमार ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफलता के कारण यह फैसला सुनाया। यह मामला मोहम्मदपुर रायसिंह गांव में 8 सितंबर 2013 को हुई घटनाओं से संबंधित था, जिसमें शिकायतकर्ता हनीफ के पिता रहीसुद्दीन की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। कुल 26 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया गया था, जिनमें से 4 की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई।
आईसीसी T20 विश्व कप में भारत ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की, उन्होंने मेजबान अमेरिका को 29 रनों से हराया। भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी करते हुए शीर्ष क्रम के लड़खड़ाने के बाद सूर्यकुमार यादव ने 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर 161/9 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेरिकी टीम मोहम्मद सिराज (3/29) और अर्शदीप सिंह (2/18) की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे टिक नहीं पाई। अमेरिका निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 132 रन ही बना सकी, जिससे भारत ने आत्मविश्वास से भरी जीत दर्ज की।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, ओमान की राजधानी मस्कट में ईरान और अमेरिका के बीच परोक्ष वार्ता संपन्न हुई। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सीधे संवाद करने के बजाय, ओमान की मध्यस्थता के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान किया। वार्ता से पूर्व तीखी बयानबाजी और सैन्य जमावड़े ने माहौल को और गरमा दिया था। ईरान ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में सैन्य अधिकारियों की उपस्थिति पर आपत्ति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी सर्वोच्च नेता को खुलेआम चेतावनी दी थी, जबकि ईरान अपने भीतर सरकार विरोधी प्रदर्शनों और इंटरनेट प्रतिबंधों से जूझ रहा था। अमेरिका व्यापक मुद्दों पर चर्चा चाहता था, जबकि ईरान केवल परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को हटाने तक सीमित रहने पर अड़ा था, जो इस वार्ता की मुख्य चुनौती रही।
ट्रंप और मोदी के बीच के संबंधों में लंबे समय बाद फिर से गर्मजोशी लौट रही है, जिससे भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय और वैश्विक सहयोग के नए आयाम खुल रहे हैं। 2025 में व्यापारिक टैरिफ, रूस के साथ भारत के संबंध और पाकिस्तान पर अमेरिकी रुख के कारण रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। हालांकि, अब फरवरी 2026 तक स्थिति में सुधार दिख रहा है। भारत के सामने G7 और BRICS जैसे blocs के बीच अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने की चुनौती है। भारत ने अपनी दृढ़ कूटनीति का परिचय देते हुए अमेरिका को यह स्पष्ट कर दिया है कि उसके पास द्विपक्षीय विकल्पों की कोई कमी नहीं है, जिससे उसके राष्ट्रीय हित सुरक्षित रहें।
दिल्ली के जनकपुरी में एक निर्माणाधीन स्थल पर 25 वर्षीय मोटरसाइकिल सवार कमल भयानी की खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। घटनास्थल पर चेतावनी चिन्ह, बैरिकेड या रोशनी जैसे कोई सुरक्षा उपाय नहीं थे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कंस्ट्रक्शन साइट के सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है, जिन पर आरोप है कि जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। दिल्ली सरकार ने लापरवाही के आरोप में तीन इंजीनियरों को भी निलंबित कर उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इस घटना ने सार्वजनिक निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को उजागर किया है।
मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष समारोह में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहाँ संघ प्रमुख मोहन भागवत ने महत्त्वपूर्ण संबोधन दिया। भागवत ने ‘हिंदू’ शब्द को एक व्यापक राष्ट्रीय पहचान बताया, जो किसी विशिष्ट धर्म से संबंधित नहीं है, बल्कि भारत में रहने वाले हर व्यक्ति पर लागू होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि RSS किसी के विरुद्ध नहीं है और न ही उसे सत्ता की इच्छा है; उसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्र सेवा है। भागवत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे स्वयंसेवकों का जिक्र करते हुए भाजपा को संघ की पार्टी मानने से इनकार किया। उन्होंने विभाजन का कारण धार्मिक मतभेद और ‘हिंदू भाव’ की उपेक्षा को बताया, साथ ही समाज सुधारकों और संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के योगदान को भी सराहा।
जाने-माने विश्लेषक डेरोन एस्मोगलु ने अमेरिकी राजनीति में ट्रम्प के नेतृत्व में अधिनायकवाद की ओर संभावित फिसलन पर चिंता जताई है। वे पूछते हैं कि यह ‘निर्णायक मोड़’ कब आएगा, और मिनियापोलिस में आईसीई द्वारा दो नागरिकों की कथित हत्या को एक संभावित संकेत मानते हैं। लेख सत्तावादी और लोकतांत्रिक सरकारों द्वारा बल प्रयोग के तरीकों में अंतर को उजागर करता है, जहाँ लोकतांत्रिक समाजों में आंतरिक जाँच और नागरिक प्रतिरोध मौजूद होते हैं। हालांकि, आईसीई के बढ़ते प्रभाव, ट्रम्प समर्थक कर्मियों की भर्ती और न्याय विभाग के समर्थन को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताया गया है, जो अमेरिका के भविष्य पर सवाल उठाता है।