एक नज़र में
- सचिन चमारिया ने बोकिया के पहले मुकाबले में यूएई के खलीफ अहमद को 8-4 से हराया।
- वे बीसी3 वर्ग में हिस्सा ले रहे हैं और उनके अगले मुकाबले सोमवार को होने हैं।
कभी ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले सचिन चमारिया ने शारीरिक चुनौतियों को पार करते हुए पैरा एशियाई खेलों के बोकिया खेल में देश के लिए पदक जीतने की इच्छा जताई है। वर्ष 2008 में एक दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद उन्होंने व्हीलचेयर का सहारा लिया और क्लब थ्रो के बाद बोकिया के बीसी3 वर्ग को चुना।
बोकिया दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए सटीक निशाने और रणनीति का खेल है, जो पैरालंपिक का हिस्सा है। इस वर्ग में गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले खिलाड़ी रैंप और सहायक की मदद ले सकते हैं, लेकिन शॉट और रणनीति का फैसला खुद करते हैं। सचिन 2021 से इस खेल से जुड़े हैं और कई राष्ट्रीय खिताब जीतने के साथ काहिरा में हुए 2026 विश्व बोकिया चैलेंजर में पदक भी जीत चुके हैं।
जापानी शहर नागोया से बातचीत में सचिन ने बताया कि उनका ध्यान हर मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर है। उन्होंने पूल चरण के पहले मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात के खलीफ अहमद को 8-4 से मात दी।
सचिन को अपने अगले दो मुकाबले सोमवार को जापान के ताकाहाशी काजुकी और कोरिया के होवोन जेओंग के खिलाफ खेलने हैं, जबकि इस स्पर्धा का फाइनल 21 अक्टूबर को होना है।
खबर का संदर्भ
सचिन चमारिया की यह सफलता उनके संघर्ष और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है, जिन्होंने दुर्घटना के बाद ताइक्वांडो से बोकिया का रुख किया।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. सचिन चमारिया ने पहले मुकाबले में किसे हराया?
उन्होंने यूएई के खलीफ अहमद को 8-4 से हराया।
02. इस स्पर्धा का फाइनल मुकाबला कब है?
इस स्पर्धा का फाइनल 21 अक्टूबर को होगा।
