एक नज़र में
- भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा हासिल किए।
- कोच डेव कजिन्स ने कहा कि सही तैयारी और प्रशिक्षण से यह सफलता मिली है।
- खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।
एशियन खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने स्वदेश लौटने पर कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वे राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने इन खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। इसके अलावा उन्होंने तीरंदाजी में दक्षिण कोरिया को भी हराया।
भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कहा कि सही प्रशिक्षण, तैयारी और अनुकूल वातावरण के कारण ऐसे परिणाम मिले हैं। उन्होंने कहा कि ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है।
खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और अनुभवों को साझा किया। साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक और ओलंपिक कोटा हासिल किया। रिकर्व वर्ग में कुमकुम मोहद ने व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के साथ ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया।
महिला रिकर्व टीम की सदस्य कीर्ति शर्मा ने दक्षिण कोरिया पर जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। खिलाड़ियों ने इस सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत, महीनों की तैयारी, टीम वर्क और संबंधित प्राधिकरणों के सहयोग को दिया है।
खबर का संदर्भ
भारतीय तीरंदाजी टीम ने एशियाई खेलों में कुल पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए हैं। इस प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ ने अपनी रणनीति, कड़ी मेहनत और भविष्य की प्रेरणा पर बात की है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में कितने स्वर्ण पदक जीते?
भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते।
02. कंपाउंड तीरंदाजी में ओलंपिक कोटा किसने हासिल किया?
साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया।
