एक नज़र में
- पैराग्वे की संसद के निचले सदन ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव 78-0 से पारित किया।
- एक बड़े डिजिटल बैंक के दिवालिया होने और लोगों की पूंजी डूबने के बाद राजधानी में तीन दिन तक विरोध-प्रदर्शन हुए।
- पेना ने देश की स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए अपने पद से इस्तीफा दिया।
लातिन अमेरिकी देश पैराग्वे की संसद के निचले सदन ने राष्ट्रपति सैंटियागो पेना के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को 78 के मुकाबले शून्य मतों से पारित कर दिया। यह घटनाक्रम संसद में उनके इस्तीफे की घोषणा के कुछ ही मिनटों बाद हुआ।
पेना सरकार से जुड़े एक बड़े डिजिटल बैंक 'उएनो बैंक' के दिवालिया होने के कारण लोगों की पूंजी डूब गई है, जिसके चलते लोग सड़कों पर उतर आए और राजधानी असंशियन में तीन दिन तक विरोध-प्रदर्शन हुए। इन हालातों के बीच उनकी अपनी 'कोलोराडो पार्टी' भी उनके विरोध में आ गई और संसद में प्रस्ताव को पार्टी सदस्यों का भी समर्थन मिला।
पेना ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर वीडियो संदेश के जरिए देश की स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए पद छोड़ने की बात कही। अब इस महाभियोग प्रस्ताव को उच्च सदन सीनेट में भेजा जाएगा, जहां राष्ट्रपति को अभियोजित करने के लिए दो-तिहाई मतों की आवश्यकता होगी।
खबर का संदर्भ
यह घटनाक्रम पैराग्वे में एक बड़े डिजिटल बैंक के दिवालिया होने से उपजे आर्थिक संकट और उसके बाद हुए व्यापक जन-आंदोलन का परिणाम है, जिसके चलते राष्ट्रपति को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और संसद ने उनके खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई को आगे बढ़ाया।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पैराग्वे के राष्ट्रपति ने इस्तीफा क्यों दिया?
डिजिटल बैंक के दिवालिया होने और देश में हुए विरोध-प्रदर्शनों के बीच देश की स्थिरता व लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाने के लिए उन्होंने इस्तीफा दिया।
02. महाभियोग प्रस्ताव कहां भेजा गया है?
महाभियोग प्रस्ताव को उच्च सदन सीनेट में भेज दिया गया है।
