एक नज़र में
- अमेरिका ने नौ भारतीय कंपनियों और एक भारतीय दंपति पर प्रतिबंध लगाए हैं।
- यह कार्रवाई ईरान को कच्चे तेल का अवैध निर्यात करने के आरोपों के तहत की गई है।
- यह कदम 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' अभियान के तहत उठाया गया है।
अमेरिका के वित्त विभाग ने भारत में स्थित नौ व्यावसायिक कंपनियों के साथ-साथ एक भारतीय व्यवसायी और उनकी पत्नी पर सीधे प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी प्रशासन का आरोप है कि इन सभी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए ईरान को कच्चे तेल का अवैध निर्यात करने और समुद्री व्यापार जारी रखने में मदद की थी।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारतीय व्यवसायी सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी को इस अंतरराष्ट्रीय धोखाधड़ी नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस दंपति ने तेल टैंकरों के लिए जाली दस्तावेज और फर्जी समुद्री पंजीकरण तैयार किए ताकि ईरानी तेल ले जाने वाले जहाज अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बच सकें।
यह कार्रवाई अमेरिकी सरकार के 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य ईरान की आर्थिक रीढ़ को तोड़ना है। इन प्रतिबंधों के कारण भारतीय कंपनियों को अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में वित्तीय लेनदेन और व्यावसायिक सौदे करने से रोक दिया गया है।
खबर का संदर्भ
यह कार्रवाई अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान के पेट्रोलियम निर्यात को रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार नियमों का सख्ती से पालन कराने के उद्देश्य से की गई है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. किन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं?
एक भारतीय व्यवसायी, उनकी पत्नी और भारत स्थित नौ व्यावसायिक कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
02. प्रतिबंध लगाने का क्या कारण बताया गया है?
इन पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए ईरान को कच्चे तेल के अवैध निर्यात में मदद करने का आरोप है।
