एक नज़र में
- मुंबई की विशेष अदालत ने डॉक्टर अदनान अली सरकार को छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
- यह मामला आईएसआईएस की विचारधारा के प्रचार और धन जुटाने से जुड़ा है जिसे एनआईए ने दर्ज किया था।
- आरोपी ने सुनवाई के दौरान अपना अपराध स्वीकार करते हुए अदालत से सजा कम करने का अनुरोध किया था।
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) मामलों की सुनवाई करने वाली मुंबई की एक विशेष अदालत ने पेशे से चिकित्सक अदनान अली सरकार को आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार करने और गतिविधियों के लिए धन जुटाने के मामले में दोषी ठहराते हुए छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर जुर्माना भी लगाया है।
विशेष न्यायाधीश अभय ए. जोगलेकर ने आरोपी को यूएपीए और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया। एनआईए के अनुसार, यह मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर 2023 में दर्ज किया गया था, जिसमें अंतरराष्ट्रीय संबंधों और विदेशों में बैठे आकाओं की संलिप्तता का खुलासा हुआ था।
सुनवाई के दौरान आरोपी अदनान अली सरकार ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अदालत से अपने कृत्यों पर पछतावा जताते हुए मानवीय आधार पर न्यूनतम सजा का अनुरोध किया था। अदालत ने उसकी स्वीकारोक्ति को मंजूर करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में समाज में कड़ा संदेश जाना चाहिए।
एनआईए ने इस मामले में अदनान अली के अलावा अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया था, जिनके मामलों की सुनवाई अभी जारी है। अदालत ने अपने फैसले से पहले आरोपी को अपने रुख पर विचार करने का समय भी दिया था, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रहा।
खबर का संदर्भ
यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े कानूनों के तहत अदालती कार्रवाई की प्रक्रिया को दर्शाता है, जहां एनआईए द्वारा जांच के बाद विशेष अदालत ने यूएपीए के तहत सजा सुनाई है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. अदालत ने डॉक्टर अदनान अली सरकार को कितने साल की सजा सुनाई है?
अदालत ने उसे छह साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
02. यह मामला किस एजेंसी द्वारा दर्ज किया गया था?
यह मामला राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा दर्ज किया गया था।
