हमारे बारे मेंसंपर्कRSS
साधना न्यूज़SADHNA NEWS · हिंदी समाचार

राष्ट्रीय · स्थानीय · जनसरोकार

ब्रेकिंग न्यूज़
फिलहाल कोई नया ब्रेकिंग अपडेट नहीं है। प्रमुख समाचार देखें →

दीपावली और सनातन स्वाभिमान: त्योहारों की राजनीति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण

लेखक: admin · प्रकाशित:
राजनीतिSadhnaNEWS Explained

साधना न्यूज़ डेस्क2 मिनट में पढ़ें

एक नज़र में

  • त्योहारों पर चयनात्मक प्रतिबंधों और तुष्टीकरण की राजनीति पर चर्चा।
  • वर्ष 2014 के बाद सांस्कृतिक पुनर्जागरण और विकास का नया दौर।
  • हिंदुत्व और सनातन परंपराओं के जरिए सांस्कृतिक स्वाभिमान का विमर्श।

भारत के पर्व और त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि सनातन सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक हैं। दीपावली अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देती है, लेकिन हाल के वर्षों में त्योहारों को लेकर राजनीतिक विमर्श बदल गया है।

लेख के अनुसार, स्वतंत्रता के बाद छद्म-धर्मनिरपेक्षता के तहत बहुसंख्यक समाज की आस्था और त्योहारों पर पर्यावरण या सुरक्षा के नाम पर चयनात्मक प्रतिबंध लगाए गए, जबकि अन्य अवसरों पर अनदेखी की गई।

वर्ष 2014 के बाद देश में 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ सांस्कृतिक पुनर्जागरण की शुरुआत हुई, जिसमें अयोध्या और काशी जैसे धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार शामिल है।

लेख में यह भी कहा गया है कि हिंदुत्व का उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं बल्कि अपनी समृद्ध विरासत का संरक्षण करना है, और त्योहारों को राजनीतिक अखाड़ा बनाने के बजाय उनकी मूल भावना का सम्मान किया जाना चाहिए।

खबर का संदर्भ

यह लेख मुख्य रूप से भारत में सनातन परंपराओं, दीपावली और राजनीतिक विमर्श के बीच के संबंधों का विश्लेषण करता है। इसमें छद्म-धर्मनिरपेक्षता और तुष्टीकरण के आरोपों के संदर्भ में बहुसंख्यक समाज की भावनाओं और भाजपा की सांस्कृतिक नीतियों का उल्लेख किया गया है।

EXPLAINED

आपके सवाल, सीधे जवाब

01. दीपावली क्या संदेश देती है?

दीपावली अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देती है।

राजनीति की और खबरें पढ़ें →

यह भी पढ़ें

@sadhnanewsbplFacebookInstagramYouTubeX
Design by Bharti Infotech · 9993475129