एक नज़र में
- दुनिया की सभी समस्याएं अपनापन की कमी से पैदा होती हैं: मोहन भागवत
- जब तक 'मैं और मेरा' खत्म नहीं होगा, तब तक शांति नहीं आ सकती
- इंसान और जानवर के बीच संवेदनशीलता और करुणा मुख्य अंतर है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की सभी समस्याएं दूसरों के प्रति अपनापन की भावना की कमी के कारण उत्पन्न होती हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी को अपना मानने की भावना विकसित करने की आवश्यकता है।
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने अमेरिका की अपनी एक यात्रा का जिक्र करते हुए एक नाइजीरियाई वक्ता के हवाले से कहा कि जब तक 'मैं और मेरा' की भावना समाप्त नहीं होती, तब तक दुनिया में शांति स्थापित नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपना मानकर दूसरों के अच्छे जीवन की कामना करनी चाहिए।
आरएसएस प्रमुख ने सेवा को लेकर कहा कि यह दिखावे के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे चुपचाप और निरंतर जारी रखा जाना चाहिए। उन्होंने इंसान और जानवर के बीच संवेदनशीलता और करुणा को मुख्य अंतर बताया।
खबर का संदर्भ
मोहन भागवत का यह बयान सामाजिक सौहार्द, निःस्वार्थ सेवा और सार्वभौमिक भाईचारे की आवश्यकता पर आधारित है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. मोहन भागवत ने समस्याओं की जड़ किसे बताया है?
दूसरों के प्रति अपनापन की कमी और 'मैं तथा मेरा' की सोच को समस्याओं की जड़ बताया गया है।
02. इंसान और जानवर में क्या अंतर है?
इंसान और जानवर के बीच एकमात्र अंतर संवेदनशीलता और करुणा का है।