एक नज़र में
- एक्टर डीनो मोरिया मीठी नदी डीसिल्टिंग घोटाले के सिलसिले में EOW के सामने पेश हुए।
- मामले में 65 करोड़ रुपए के गबन का आरोप है।
- मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स में डीनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया।
एक्टर डीनो मोरिया शुक्रवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचे, जहां मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग यानी EOW के सामने उनकी पेशी हुई। यह मामला मीठी नदी डीसिल्टिंग स्कैम से जुड़ा हुआ है।
दावा किया गया है कि राज्य में नदियों की सफाई के नाम पर 65 करोड़ रुपए का गबन हुआ है। इस जांच में मोरिया का नाम इसलिए आया क्योंकि उन पर उन कॉन्ट्रैक्टर्स और अधिकारियों से जुड़े होने का आरोप है जिन पर फंड में हेराफेरी का शक है।
जांच में सामने आया कि आरोपी केतन कदम और जय जोशी ने मैटप्रॉप कंपनी और बीएमसी के अधिकारियों के साथ मिलकर घोटाला किया। मुख्य आरोपी केतन कदम के कॉल रिकॉर्ड्स की जांच में डीनो मोरिया और उनके भाई का नाम सामने आया है।
खबर का संदर्भ
मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद बीएमसी और अन्य सिविक एजेंसियों द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य बाढ़ प्रबंधन को बेहतर बनाना था, लेकिन बाद की जांच में फंड के इस्तेमाल को लेकर संदेह पैदा हुआ।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. मीठी नदी डीसिल्टिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत कब हुई थी?
इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 2005 में मुंबई में आई बाढ़ के बाद हुई थी।