एक नज़र में
- पाठ्यक्रम समिति ने पाठ्यपुस्तकों में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर पाठ शामिल करने की सिफारिश की गई है।
- आठवीं कक्षा से सिंगूर आंदोलन के संदर्भ हटाने का प्रस्ताव है।
पश्चिम बंगाल सरकार की पाठ्यक्रम-सह-पाठ्यचर्या समिति ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इस समिति के अध्यक्ष कल्याणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी हैं।
प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान पर एक खंड शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम से सिंगूर आंदोलन के संदर्भ हटाने का भी प्रस्ताव है।
समिति ने बांग्ला साहित्य में रवींद्रनाथ टैगोर की कविता 'अफ्रीका' को हटाने और उसकी जगह 'शिवाजी उत्सव' को शामिल करने का भी सुझाव दिया है। इन सिफारिशों को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है और 2027 के शैक्षणिक सत्र के लिए संशोधित पुस्तकें जनवरी तक स्कूलों में पहुंचने की उम्मीद है।
खबर का संदर्भ
यह प्रस्ताव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखाओं के अनुरूप मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए गठित समिति द्वारा तैयार किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
कल्याणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी इस समिति के अध्यक्ष हैं।
02. संशोधित पुस्तकें कब तक स्कूलों में पहुंचने की उम्मीद है?
संशोधित पुस्तकें 2027 के शैक्षणिक सत्र के लिए जनवरी तक स्कूलों में पहुंचने की उम्मीद हैं।
