एक नज़र में
- विशेष एनआईए अदालत ने यासीन मलिक समेत 7 लोगों पर PMLA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया
- ED के अनुसार हवाला और अन्य माध्यमों से 8.94 करोड़ रुपये की अवैध कमाई और फंडिंग का आरोप है
- मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी
दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत ने अलगाववादी नेता यासीन मलिक और छह अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया सभी सात आरोपियों के खिलाफ मजबूत संदेह पैदा करने के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, आरोपियों पर हवाला चैनलों के जरिए पाकिस्तानी और विदेशी फंड का इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को फाइनेंस करने का आरोप है। जांच एजेंसी का आरोप है कि आपराधिक गतिविधियों से कुल 8.94 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है।
इस मामले में यासीन मलिक के अलावा जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, नवल किशोर कपूर और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड आरोपी हैं। सुरक्षा कारणों से आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं किया जा सका, जिसके चलते अदालत ने उनके हस्ताक्षर लेने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को तय की गई है।
खबर का संदर्भ
यह मामला आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों के वित्तपोषण से जुड़ा है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। अदालत द्वारा आरोप तय करने का आदेश इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण को दर्शाता है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. इस मामले में कौन-कौन आरोपी हैं?
इस मामले में यासीन मलिक, जहूर अहमद शाह वटाली, अब्दुल राशिद शेख, शब्बीर अहमद शाह, मसरत आलम, नवल किशोर कपूर और ट्राइसन फार्म्स एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड आरोपी हैं।
02. मामले की अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी।
