एक नज़र में
- एटरनल कंपनी 'dark.ai' नाम से नया एआई एप लाने की तैयारी कर रही है।
- एप में चैट सुरक्षित रहने और कंपनी द्वारा भी न पढ़े जाने का दावा किया गया है।
- इसे स्टार्टअप मालिकों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी बताया गया है।
जोमैटो और ब्लिंकइट का संचालन करने वाली कंपनी एटरनल द्वारा 'dark.ai' नाम से एक नया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एप लाने की योजना बनाई जा रही है। कंपनी के प्रमुख दीपिंदर गोयल ने जानकारी दी है कि इस एप के माध्यम से उपयोगकर्ता बिना किसी संकोच के अपनी गोपनीय बातें और विचार साझा कर सकेंगे, क्योंकि इसमें चैट सुरक्षित रहने और सेव न होने की बात कही गई है। वर्तमान में कंपनी के कर्मचारी इस एप का परीक्षण कर रहे हैं।
गोयल के अनुसार इस एप का संचालन कंपनी अपने निजी कंप्यूटर सिस्टम और सुरक्षित तकनीकी ढांचे पर करेगी। इसमें ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होगी जिससे बातचीत केवल उपयोगकर्ता और एप के बीच ही सीमित रहे। इसके साथ ही इसमें एक नियंत्रित मेमोरी सिस्टम भी उपलब्ध होगा, जिससे उपयोगकर्ता अपनी पिछली बातचीत को सुरक्षित रखने या हटाने का निर्णय स्वयं ले सकेंगे।
इस एप को मुख्य रूप से स्टार्टअप संस्थापक, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, बड़ी कंपनियों और सरकारी कार्यालयों के लिए उपयोगी बताया गया है जिन्हें अपनी कार्यप्रणाली गोपनीय रखनी होती है। गोयल ने मौजूदा एआई टूल्स में डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि लोग अक्सर चैट पढ़े जाने के डर से एआई का पूरा लाभ नहीं ले पाते हैं।
यह एप इसी वर्ष लॉन्च किया जाना है। हालांकि कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह सेवा निःशुल्क होगी या इसके लिए शुल्क लिया जाएगा और यह किस बिजनेस मॉडल पर काम करेगा।
खबर का संदर्भ
एटरनल कंपनी द्वारा एआई सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में प्रवेश करने की यह पहल मुख्य रूप से डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा की चिंताओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। मौजूदा एआई प्लेटफॉर्म्स पर डेटा उपयोग को लेकर यूजर में जो अविश्वास रहता है, उसे दूर करने के लिए इस एप में कड़े सुरक्षा उपायों और यूजर-नियंत्रित मेमोरी सिस्टम का प्रावधान करने की बात कही गई है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. डार्क.एआई एप को कौन सी कंपनी ला रही है?
जोमैटो और ब्लिंकइट की पैरेंट कंपनी एटरनल इसे लाने की तैयारी कर रही है।
02. यह एप किसके लिए उपयोगी होगा?
यह एप मुख्य रूप से स्टार्टअप मालिकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, बड़ी कंपनियों और सरकारी दफ्तरों के लिए उपयोगी होगा।
