एक नज़र में
- गुजरात सरकार ने रूफटॉप सोलर के लिए एक हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी मंजूर की।
- तीन लाख से अधिक परिवारों को इस योजना से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
- गुजरात रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के क्रियान्वयन में देश में पहले स्थान पर है।
गुजरात सरकार ने छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इससे राज्य के तीन लाख से अधिक परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
संशोधित सब्सिडी व्यवस्था के अनुसार पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का दस प्रतिशत और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को पांच प्रतिशत हिस्सा ही देना होगा। केंद्र सरकार की सहायता और लाभार्थी के अंशदान के बाद शेष लागत राज्य सरकार वहन करेगी।
एक किलोवाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र की कुल लागत पर केंद्र सरकार की सब्सिडी के बाद सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को पांच हजार चार सौ रुपये और आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को दो हजार सात सौ रुपये देने होंगे। बाकी राशि राज्य सरकार की सब्सिडी से पूरी होगी। इसी तरह दो किलोवाट क्षमता वाले संयंत्र के लिए भी संशोधित राशि तय की गई है।
सरकार का यह कदम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली लगाना किफायती बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। गुजरात में अब तक चौदह लाख से अधिक परिवार अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा चुके हैं और यह राज्य इस कार्यक्रम में देश में पहले स्थान पर है।
खबर का संदर्भ
यह निर्णय राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और गरीब तथा मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बिजली का खर्च कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. इस योजना के तहत किसे कितनी सब्सिडी मिलेगी?
सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को लागत का दस प्रतिशत और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को पांच प्रतिशत हिस्सा देना होगा, जबकि शेष लागत राज्य सरकार वहन करेगी।
02. गुजरात में अब तक कितने परिवारों ने छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए हैं?
राज्य में चौदह लाख से अधिक परिवार अपने घरों में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा चुके हैं।
