एक नज़र में
- भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 7.1 प्रतिशत तक रहने की संभावना
- विभिन्न वैश्विक रेटिंग संस्थाओं द्वारा भारत की ग्रोथ को लेकर सकारात्मक संकेत
- मांग, आपूर्ति और निर्यात के मोर्चे पर लगातार विकास
दुनिया भर में विपरीत परिस्थितियों और कई देशों में बिगड़ते हालातों के बावजूद विभिन्न वैश्विक रेटिंग संस्थाओं ने भारतीय अर्थव्यवस्था को गतिमान बताया है। वैश्विक औसत आर्थिक विकास दर की तुलना में भारत की विकास दर काफी बेहतर रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
रेटिंग संस्थाओं के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर 6.9 प्रतिशत से लेकर 7.1 प्रतिशत के बीच रहने की संभावना जताई गई है। जुलाई की तुलना में अक्टूबर तक इन रेटिंग्स में सुधार देखा गया है और किसी भी संस्था ने नकारात्मक ग्रोथ नहीं दर्शाई है।
देश के भीतर मांग और आपूर्ति की स्थिति बेहतर बनी हुई है तथा निर्यात में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके अलावा एमएसएमई सेक्टर और सर्विस सेक्टर में टूरिज्म, बैंकिंग और आईटी जैसे क्षेत्र अच्छे परिणाम दे रहे हैं।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करती है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के अनुमानों के आधार पर देश में निवेश, मांग और सेवा क्षेत्र की स्थिति को रेखांकित किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. विभिन्न संस्थाओं ने भारत की विकास दर क्या आंकी है?
विभिन्न वैश्विक रेटिंग संस्थाओं ने भारत की आर्थिक विकास दर 6.9 प्रतिशत से 7.1 प्रतिशत रहने की संभावना जताई है।
