एक नज़र में
- अमित शाह ने संगठन निर्माण से लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर तय किया है।
- गृह मंत्री के रूप में नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान और नए आपराधिक कानून लागू किए गए।
- सहकारिता मंत्रालय के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया है।
अमित शाह का राजनीतिक सफर संगठन निर्माण, रणनीतिक दृष्टि और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के निर्वहन के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़कर की थी।
वर्ष 2013 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया था। वर्ष 2014 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद उनके नेतृत्व में संगठन विस्तार और चुनावी प्रबंधन को बढ़ावा मिला।
केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में नक्सलवाद और वामपंथी उग्रवाद के विरुद्ध अभियान चलाया गया। गृह मंत्रालय ने देश को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त होने की घोषणा की।
इसके अलावा, आपराधिक न्याय व्यवस्था में बदलाव के लिए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए। सहकारिता मंत्रालय के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का कार्य भी उनके कार्यक्षेत्र में शामिल है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट अमित शाह के सार्वजनिक जीवन, सांगठनिक भूमिका, नक्सलवाद के खिलाफ अभियानों और गृह मंत्रालय के तहत किए गए कानूनी सुधारों पर आधारित है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. नए आपराधिक कानून कब से लागू हुए?
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1 जुलाई 2024 से लागू हुए।
02. अमित शाह को भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव कब बनाया गया था?
उन्हें वर्ष 2013 में भाजपा का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था।
