एक नज़र में
- पोप लियो 14वें के फेफड़े में एडेनोकार्सिनोमा कैंसर की पुष्टि हुई।
- रोम के जेमेली अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने सफल सर्जरी की।
- ऑपरेशन के बाद पोप की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
रोमन कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु 71 वर्षीय पोप लियो 14वें के फेफड़े में कैंसर होने की पुष्टि हुई है। वेटिकन द्वारा जारी आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, जांच में उनके फेफड़ों में एडेनोकार्सिनोमा नामक कैंसर के लक्षण पाए गए हैं।
रोम के प्रसिद्ध जेमेली अस्पताल में मुख्य वक्ष शल्य चिकित्सक डॉ. स्टेफानो मार्गरीटोरा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम द्वारा पोप का ऑपरेशन किया गया। यह शल्य चिकित्सा पूरी तरह सफल रही और इस दौरान किसी प्रकार की चिकित्सीय जटिलता उत्पन्न नहीं हुई।
पोप लगभग तीन घंटे तक ऑपरेशन थिएटर में रहे, जिसमें मुख्य सर्जरी में करीब 90 मिनट का समय लगा। ऑपरेशन के बाद उन्हें अस्पताल में उनके निजी कक्ष में ले जाया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
खबर का संदर्भ
वेटिकन द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के आधार पर पोप लियो 14वें के स्वास्थ्य और उनके फेफड़े की सर्जरी से जुड़ी जानकारी दी गई है। अमेरिका में जन्मे पोप ने अपने 17 महीने के कार्यकाल में पहली बार इस तरह की बड़ी स्वास्थ्य समस्या की सार्वजनिक जानकारी दी है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पोप लियो 14वें को कौन सी बीमारी हुई है?
जांच में उनके फेफड़ों में एडेनोकार्सिनोमा नामक कैंसर के लक्षण पाए गए हैं।
02. यह सर्जरी कहाँ की गई?
यह सर्जरी रोम के जेमेली अस्पताल में की गई।
