एक नज़र में
- शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वा के लिए 11 सदस्यीय निगरानी समिति बनाई
- उपप्रधानमंत्री इसहाक डार को इस समिति की अध्यक्षता सौंपी गई
- प्रांत में उग्रवाद से निपटने में विफलता का हवाला देकर आपातकाल लगाया गया है
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शासन और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह कदम संघीय सरकार द्वारा प्रांत में आपातकाल लागू किए जाने के बाद उठाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उपप्रधानमंत्री इसहाक डार की अध्यक्षता में इस समिति को अनौपचारिक रूप से गठित किया गया है और इसके संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। यह समिति प्रांत में सुरक्षा और शासन से जुड़े मामलों की रोजाना निगरानी कर प्रधानमंत्री को रिपोर्ट देगी।
संघीय सरकार ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस अशांत प्रांत में उग्रवाद से निपटने में प्रांतीय सरकार को विफल बताते हुए आपातकाल लागू किया था। इसके साथ ही इमरान खान की पार्टी पीटीआई के नेतृत्व वाली प्रांतीय सरकार का अंत हो गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब पीटीआई के नेतृत्व में विरोध मार्च निकाला गया था, जिसमें खान की रिहाई और चिकित्सा सुविधा की मांग की गई थी। समिति नई प्रशासनिक व्यवस्था के साथ समन्वय बनाए रखेगी और सुरक्षा मामलों में सहायता करेगी।
खबर का संदर्भ
यह घटना पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में राजनीतिक उथल-पुथल और सुरक्षा संकट से जुड़ी है, जहां संघीय सरकार ने आपातकाल लगाकर प्रांतीय सरकार को समाप्त कर दिया और स्थिति की निगरानी के लिए नई समितियां बनाई हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. खैबर पख्तूनख्वा निगरानी समिति के अध्यक्ष कौन हैं?
उपप्रधानमंत्री इसहाक डार इस 11 सदस्यीय निगरानी समिति के अध्यक्ष हैं।
