एक नज़र में
- गोरखा में सेना ने 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला
- बाढ़ के कारण पांच लोग लापता, किसी की मौत की सूचना नहीं
- भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का रास्ता अवरुद्ध होने से आई थी बाढ़
नेपाल में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित गांवों में सैन्यकर्मियों ने पहुंचकर राहत सामग्री पहुंचाई और स्थानीय लोगों तथा पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार, समय रहते चेतावनी मिलने के कारण ज्यादातर लोग बाढ़ से पहले ही ऊंचे स्थानों पर पहुंच गए थे और फिलहाल किसी की मौत की सूचना नहीं है, हालांकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं।
गोरखा जिले के मुख्य सरकारी प्रशासक धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सोमवार को 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिसमें नौ विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण दोपहर में हेलीकॉप्टर की उड़ानें रोकनी पड़ीं, जिन्हें मंगलवार को फिर से शुरू किया जाएगा।
यह बाढ़ चुमचुरे गांव के पास भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का रास्ता अवरुद्ध होने से आई थी। बाढ़ के पानी ने पांच पुलों, तीन जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण स्थलों और कई मकानों तथा खेतों को तबाह कर दिया है। दूरदराज के पहाड़ी इलाकों में सेना के हेलीकॉप्टरों और सड़क मार्ग से ट्रकों के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट नेपाल के गोरखा जिले में अचानक आई बाढ़ और उससे जुड़े राहत कार्यों पर आधारित है। भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का मार्ग अवरुद्ध होने से यह स्थिति उत्पन्न हुई। प्रशासन और सेना द्वारा चलाए गए बचाव अभियानों में पर्यटकों सहित सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. गोरखा में कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया?
सेना ने 200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
02. बाढ़ आने का क्या कारण था?
चुमचुरे गांव के पास भूस्खलन के कारण बूढ़ी गंडकी नदी का रास्ता अवरुद्ध हो गया था, जिससे अचानक बाढ़ आ गई।
