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नवी पिल्लई को मिला 85 की उम्र में नोबेल शांति पुरस्कार

लेखक: admin · प्रकाशित:
राजनीतिजानिए 60 सेकंड में

साधना न्यूज़ डेस्क1 मिनट में पढ़ें

एक नज़र में

  • नवी पिल्लई को 85 वर्ष की उम्र में मिला नोबेल शांति पुरस्कार
  • उन्होंने रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक कैदियों का किया बचाव
  • उनके परिवार की जड़ें तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में हैं

भारतीय तमिल मूल की दक्षिण अफ्रीकी महिला नवी पिल्लई को इस वर्ष का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति के अनुसार यह पुरस्कार इस बात को मान्यता देता है कि स्थायी शांति कानूनी सिद्धांतों और जवाबदेही पर आधारित होती है।

नवी पिल्लई का जन्म 1941 में डरबन के एक गरीब तमिल परिवार में हुआ था। उन्होंने हार्वर्ड से कानून में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की और नटाल में प्रैक्टिस करने वाली पहली गैर-गोरी महिला बनीं।

उन्होंने रंगभेद-विरोधी कार्यकर्ताओं का बचाव किया और राजनीतिक कैदियों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। उनके परिवार की जड़ें तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले से जुड़ी हैं।

खबर का संदर्भ

यह लेख नोबेल शांति पुरस्कार और नवी पिल्लई के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डालता है, जिसमें उनके कानूनी करियर और मानवाधिकारों के क्षेत्र में दिए गए योगदान का वर्णन है।

EXPLAINED

आपके सवाल, सीधे जवाब

01. नवी पिल्लई को कौन सा पुरस्कार मिला है?

नवी पिल्लई को नोबेल शांति पुरस्कार मिला है।

02. नवी पिल्लई की जड़ें भारत में कहाँ से हैं?

उनके परिवार की जड़ें तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले के वथलागुंडु में थीं।

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