एक नज़र में
- त्योहारों के दौरान खानपान को लेकर होने वाला तनाव या फेस्टिव फूड एंग्जाइटी आम है।
- एक मील से आपका HbA1c नहीं बदलता, असली परेशानी त्योहार के बाद हफ्तों तक मिठाई खाने से होती है।
- कार्बोहाइड्रेट से पहले प्रोटीन और सब्जियां खाने तथा खाने के बाद सैर करने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है।
दिवाली के त्योहार में घरों में मिठाइयों की भरमार होती है और लोग अक्सर अनजाने में काफी कुछ खा लेते हैं, जिसके बाद उन्हें गिल्ट होने लगता है। त्योहारों से जुड़ा खानपान का यह स्ट्रेस बहुत आम है लेकिन इस पर खुलकर कम ही बात की जाती है। यह तनाव कैलोरी गिनने, डिनर के लिए जगह बनाने के वास्ते ब्रेकफास्ट छोड़ने या त्योहार के बाद व्रत रखने जैसा हो सकता है।
डायबिटीज के नए मरीजों, वजन घटाने के सफर में लगे लोगों या डाइटिंग से थक चुके लोगों के लिए त्योहार किसी परीक्षा की तरह लग सकता है। इसके अलावा मेहमानों की मेहमाननवाजी का दबाव भी होता है और खाना खाने से मना करने पर प्यार ठुकराने जैसा महसूस होता है।
तनाव के कारण अक्सर लोग खुद को भूखा रखते हैं और फिर स्ट्रेस में जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। हालांकि, एक मील आपके तीन महीने के ब्लड ग्लूकोज यानी HbA1c को नहीं बदल सकता है। असली समस्या तब शुरू होती है जब त्योहार खत्म होने के हफ्तों बाद तक बची हुई मिठाइयां खाई जाती हैं।
इस समस्या से निपटने के लिए त्योहार के दौरान सामान्य तरीके से भोजन करें और प्रोटीन युक्त नाश्ता जरूर करें जिससे भूख नियंत्रित रहे। एक शोध के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट से पहले सब्जियां और प्रोटीन का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है, इसलिए पहले दाल या पनीर खाएं और सबसे आखिर में मिठाई का सेवन करें। इसके अलावा हर भोजन के दस मिनट बाद सैर अवश्य करें।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट दिवाली के समय खानपान के तनाव और ब्लड शुगर नियंत्रण से जुड़ी व्यावहारिक सलाह देती है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. फेस्टिव फूड एंग्जाइटी क्या है?
यह त्योहारों के दौरान खानपान से जुड़ा स्ट्रेस है, जिसमें कैलोरी गिनना, ब्रेकफास्ट छोड़ना या त्योहार के बाद उपवास रखना शामिल है।
02. ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए क्या तरीका अपनाया जा सकता है?
कार्बोहाइड्रेट खाने से पहले सब्जियां और प्रोटीन का सेवन करें तथा हर भोजन के बाद 10 मिनट की सैर करें।
