एक नज़र में
- प्रियागोल्ड बिस्किट में मवेशियों का चोकर मिलाने का मामला सामने आया।
- डोडला डेयरी के दूध में डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा मिला।
- UEIR ऑर्गेनिक फूड्स की किशमिश में तय सीमा से अधिक पेस्टीसाइड मिला।
खाद्य सुरक्षा नियामक FSSAI ने खाने-पीने की चीजों में गंभीर गड़बड़ी मिलने के बाद तीन बड़ी कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया है। इनमें प्रियागोल्ड बिस्किट बनाने वाली सूर्या फूड एंड एग्रो, डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स शामिल हैं।
प्रियागोल्ड बिस्किट के प्लांट की जांच में सामने आया कि कंपनी बिस्किट में फाइबर का स्रोत बढ़ाने के लिए इंसानों के खाने के अयोग्य मवेशियों के चोकर का इस्तेमाल कर रही थी। प्लांट में स्वच्छता और रख-रखाव में भी कमियां पाई गईं।
डोडला डेयरी के फुल क्रीम दूध के सैंपल की जांच में डिटर्जेंट और कास्टिक सोडा की मौजूदगी पाई गई, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित किया गया। वहीं, UEIR ऑर्गेनिक फूड्स की पीली किशमिश में तय मानकों से अधिक कीटनाशक के अवशेष मिले हैं।
FSS Act 2006 के तहत असुरक्षित या घटिया खाद्य पदार्थ बेचना अपराध है। नियामक ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खबर का संदर्भ
FSSAI द्वारा की गई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर मामलों पर आधारित है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत घटिया या असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर लाइसेंस रद्द करने, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. FSSAI ने किन कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है?
FSSAI ने सूर्या फूड एंड एग्रो (प्रियागोल्ड बिस्किट), डोडला डेयरी और UEIR ऑर्गेनिक फूड्स के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
02. प्रियागोल्ड बिस्किट में क्या गड़बड़ी पाई गई?
प्रियागोल्ड बिस्किट में फाइबर बढ़ाने के लिए इंसानों के अयोग्य मवेशियों के चोकर का इस्तेमाल किया जा रहा था।