एक नज़र में
- रिलायंस ने सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा का स्वागत किया।
- कंपनी ने कहा कि नियम देश और विदेश के सभी आवेदकों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि एकाधिकार की कोई अनुमति नहीं होगी।
भारत के सैटेलाइट कम्युनिकेशन क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी ने कहा है कि वह स्टारलिंक सहित सभी कंपनियों की प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है, लेकिन कानून का राज सर्वोपरि होना चाहिए और नियम देश या विदेश के सभी आवेदकों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।
रिलायंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि वह ऐसे भारत में विकसित हुई है जो निवेश और नवाचार का स्वागत करता है। कंपनी ने 2016 में जियो के बाजार में उतरने का उदाहरण देते हुए बताया कि उसने सबसे सस्ता डेटा देकर कम समय में करोड़ों ग्राहकों का विश्वास जीता है।
यह प्रतिक्रिया तब सामने आई जब स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ निहित स्वार्थ वाले लोग स्टारलिंक को इस क्षेत्र में आने से रोक रहे हैं। इस मामले में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि सैटेलाइट संचार में किसी भी तरह के एकाधिकार की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी ऑपरेटरों को सुरक्षा शर्तों को पूरा करना होगा।
खबर का संदर्भ
रिलायंस और स्टारलिंक के बीच सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के क्षेत्र में नियमों और प्रतिस्पर्धा को लेकर यह बयान सामने आया है। सरकार इस क्षेत्र में लाइसेंस और मूल्य निर्धारण को लेकर प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. रिलायंस ने सैटेलाइट इंटरनेट पर क्या कहा है?
रिलायंस ने कहा है कि वह प्रतिस्पर्धा का स्वागत करती है, लेकिन नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
