एक नज़र में
- आईएमएफ ने भारत की संशोधित जीडीपी गणना को अपनी सलाह के अनुरूप बताया
- रुपये की विनिमय दर पर दबाव को आर्थिक विफलता न मानने की बात कही गई
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत की संशोधित जीडीपी गणना पद्धति सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप है और यह आईएमएफ की सलाह से पूरी तरह मेल खाती है।
आईएमएफ के एशिया एवं प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने बैंकॉक में कहा कि भारत के जीडीपी आधार वर्ष में संशोधन का कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने बताया कि भारत ने गणना पद्धति के संशोधनों को स्पष्ट करने के लिए एक टिप्पणी भी जारी की है।
आईएमएफ अधिकारी ने यह भी कहा कि भारत ने मजबूत बुनियादी आर्थिक स्थितियों के साथ ऊर्जा संकट का सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रुपये की विनिमय दर पर दबाव को आर्थिक विफलता नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि यह वैश्विक दरों और तेल कीमतों पर निर्भर करती है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा भारत की जीडीपी गणना और आर्थिक स्थिति पर दिए गए बयानों पर आधारित है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. आईएमएफ ने भारत की जीडीपी गणना के बारे में क्या कहा?
आईएमएफ ने इसे अपनी सलाह और सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बताया है।
