एक नज़र में
- एयर फ्रांस ने 31 देशों के मुस्लिम पायलटों के इजराइल जाने वाली उड़ानों पर रोक लगाई।
- इजराइल ने 1 अक्टूबर 2026 को कूटनीतिक संबंधों वाले देशों को छोड़कर अन्य के लिए नया नियम लागू किया था।
- कैप्टन स्मिथ मछार ने फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट की साजिश को नाकाम किया था।
भारत के पायलट कैप्टन स्मिथ मछार पर हुए हमले के बाद फ्रांस की एयरलाइंस एयर फ्रांस ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत पाकिस्तान समेत 31 देशों के मुस्लिम पायलटों और क्रू मेंबर्स को उन उड़ानों में शामिल नहीं किया जाएगा जो इजराइल जा रही हैं या इजराइल के एयरस्पेस से गुजर रही हैं।
यह सख्ती इजराइल के परिवहन मंत्रालय द्वारा 1 अक्टूबर 2026 को लागू किए गए उस नए नियम के बाद बरती जा रही है, जिसके अनुसार जिन देशों के इजराइल के साथ औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, उनके पायलटों और क्रू को इजराइली हवाई क्षेत्र के पास आने की अनुमति नहीं है।
यह पूरी कार्रवाई फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन स्मिथ मछार पर हुए हमले के बाद सामने आई है। हमले की जांच में पता चला कि ओमान के सह-पायलट हम्माम अल हमामी ने कॉकपिट में साजिश रची थी जिसे कैप्टन मछार ने नाकाम कर दिया था।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट फ्रांस की एयरलाइंस और इजराइल के नए विमानन नियमों से जुड़ी है, जो फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई एक सुरक्षा घटना के बाद उठाए गए हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. इजराइल ने नया नियम कब लागू किया?
इजराइल के परिवहन मंत्रालय ने 1 अक्टूबर 2026 को नया नियम लागू किया।
