तस्वीरें झूठ नहीं बोलतीं! यह किसी बंद कमरे की कहानी नहीं, बल्कि हमारी जीवनदायिनी माँ नर्मदा के तट पर चल रहे खुलेआम कत्लेआम का साक्षात प्रमाण है।

साधना News (Sadhnanews.com) की निडर खोजी पत्रकारिता ने ग्राउंड ज़ीरो से माफिया के उस खौफनाक चेहरे को बेनकाब किया है जो कैमरे में कैद है। देखिए कैसे एनजीटी (NGT) के नियमों की धज्जियां उड़ाकर नदी के ठीक किनारे पोकलेन मशीनें खड़ी हैं और पानी के बीचो-बीच भारी-भरकम लिफ्टिंग मशीनें व सक्शन पंप (पनडुब्बियां) उतारकर नदी को अंदर से खोखला किया जा रहा है!
यह न सिर्फ पूरी तरह गैर-कानूनी है, बल्कि नर्मदा के अस्तित्व और हमारे पर्यावरण को हमेशा के लिए मिटाने की एक सोची-समझी साजिश है।
💥 सीहोर प्रशासन और सरकार से सीधे सवाल:
- कहाँ सोई है पुलिस और खनिज विभाग?: जब नदी की जलधारा के भीतर इतनी बड़ी मशीनें और क्रेन खुलेआम चल रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों को यह दिखाई क्यों नहीं देता?
- कानून का खुला मज़ाक: नियमों के अनुसार नदी के पानी के भीतर इस तरह की हैवी मशीनरी डालना पूरी तरह प्रतिबंधित है। फिर यह विनाश किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है?
- अब जनता बनेगी ढाल: साधना News की इस स्पेशल मुहिम और इन पुख्ता सबूतों को इतनी ताकत दें कि यह गूंज सीधे सूबे के मुखिया और एनजीटी (NGT) के कोर्ट रूम तक पहुंचे।
“हम अपनी जीवनदायिनी को चंद रुपयों के लालच में मरुस्थल नहीं बनने देंगे!” 🌿💧
📢 अवैध उत्खनन के इन पुख्ता सबूतों को आग की तरह हर ग्रुप, हर प्रोफाइल पर शेयर करें। अब चुप रहना भी एक अपराध है!

