एक नज़र में
- अभिनव बिंद्रा ने खेलो इंडिया टैलेंट हंट योजना की सराहना की।
- खेल मंत्रालय ने चार चरणों वाला प्रतिभा पहचान और विकास मॉड्यूल बनाया है।
- इस पहल का उद्देश्य 2036 ओलंपिक के लिए पदक के दावेदार तैयार करना है।
भारत के महान निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने अंडर-15 तलाश योजना को लेकर उत्साह जताया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि त्वरित नतीजों पर ध्यान देने के बजाय युवाओं को तराशने में संयम और चतुराई बरती जाएगी।
खेल मंत्रालय ने 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए खेलो इंडिया योजना के तहत चार चरणों वाला प्रतिभा पहचान और विकास मॉड्यूल तैयार किया है। इन खिलाड़ियों को 2036 ओलंपिक के लिए पदक दावेदारों के रूप में तैयार किया जा सकता है, जिसकी मेजबानी के लिए भारत अहमदाबाद में दावेदारी कर रहा है। इस पहल का ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर किया था।
बिंद्रा ने सोशल मीडिया पर कहा कि हर आंकड़े के पीछे एक बच्चे का सपना होता है। उन्होंने कहा कि 14 साल की उम्र में बच्चा सबसे बेहतर न हो, लेकिन 24 साल की उम्र तक उसमें असाधारण बनने की क्षमता हो सकती है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाने की उम्मीद जताई जो प्रतिभा को पहचानने के साथ उसे निखारने का धैर्य रखे।
यह चार चरण का मॉड्यूल फाउंडेशन, ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एलीट स्तर का होगा, जिसे सरकार की टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना का समर्थन प्राप्त है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट खेल मंत्रालय की नई प्रतिभा पहचान योजना और उस पर ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की प्रतिक्रिया पर आधारित है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. अभिनव बिंद्रा ने किस योजना की सराहना की है?
अभिनव बिंद्रा ने खेलो इंडिया के तहत अंडर-15 प्रतिभा तलाश योजना की सराहना की है।
02. इस प्रतिभा पहचान मॉड्यूल में कितने चरण हैं?
इस मॉड्यूल में चार चरण – फाउंडेशन, ग्रासरूट, इंटरमीडिएट और एलीट स्तर – शामिल हैं।
