एक नज़र में
- कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये की कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम को मंजूरी दी।
- यह 13 साल की दीर्घकालिक योजना है जिसके तहत पूंजी निवेश पर 3% इंटरेस्ट सबवेंशन मिलेगा।
- इस योजना का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर कंटेनर निर्माण में चीन के एकाधिकार को चुनौती देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम यानी सीएमपीएस को मंजूरी दी है। इस योजना का कुल लेआउट 10,000 करोड़ रुपये का है और यह 13 वर्षों की एक दीर्घकालिक योजना है।
वैश्विक व्यापार में अधिकांश शिपिंग कंटेनरों का निर्माण एक ही देश यानी चीन में होता है, जिससे कृत्रिम किल्लत और किराए में भारी उछाल जैसी समस्याएं आती हैं। इससे भारतीय एमएसएमई उद्योगों को भारी शिपिंग लागत का सामना करना पड़ता है।
इस नई स्कीम का उद्देश्य भारत को कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग का एक नया डेस्टिनेशन बनाना है। इसके तहत कैपिटल इन्वेस्टमेंट पर 3% का इंटरेस्ट सबवेंशन दिया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से कच्चे माल से लेकर अंतिम उत्पाद तक का निर्माण भारत में होगा।
खबर का संदर्भ
यह योजना वैश्विक शिपिंग कंटेनर निर्माण में चीन के भारी वर्चस्व को कम करने और भारतीय निर्माताओं को राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है। दीर्घकालिक निवेश और ब्याज अनुदान के माध्यम से भारत को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम (CMPS) का कुल लेआउट कितना है?
इस स्कीम का कुल लेआउट 10,000 करोड़ रुपये है।
02. यह स्कीम कितने वर्षों की है?
यह 13 वर्षों की एक दीर्घकालिक योजना है।
