एक नज़र में
- वर्ष 2026 में कार्तिक मास 24 नवंबर तक रहेगा।
- इस महीने में भगवान कार्तिकेय के साथ कई देवी-देवताओं की पूजा का विधान है।
- सुबह स्नान, दीपदान और जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व बताया गया है।
हिन्दी पंचांग के आठवें महीने यानी कार्तिक मास में दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और देवउठनी एकादशी जैसे कई प्रमुख व्रत-पर्व आते हैं। वर्ष 2026 में यह महीना 24 नवंबर तक रहेगा। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-पाठ, जप, तप और जरूरतमंदों की सेवा करने की परंपरा है।
इस महीने में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, गणेश जी, सूर्य देव, गोवर्धन पर्वत और कार्तिकेय समेत कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में सुबह जल्दी उठकर स्नान करना, सूर्य देव को जल चढ़ाना, दीपदान करना और गौसेवा करना बहुत शुभ माना जाता है।
पौराणिक कथा के अनुसार तारकासुर नामक असुर के अत्याचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय ने उसका वध किया था। माना जाता है कि यह घटना इसी महीने में हुई थी, जिसके बाद भगवान शिव ने इस महीने का नाम कार्तिकेय के पराक्रम को याद रखने के लिए कार्तिक रखा।
खबर का संदर्भ
कार्तिक मास को हिन्दू पंचांग का आठवां महीना माना जाता है, जिसमें कई बड़े पर्व आते हैं। इस रिपोर्ट में इस महीने के धार्मिक महत्व, पूजा पद्धति और इसके नामकरण से जुड़ी पौराणिक कथा का वर्णन किया गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. वर्ष 2026 में कार्तिक मास कब तक रहेगा?
वर्ष 2026 में कार्तिक मास 24 नवंबर तक रहेगा।
02. कार्तिक मास का नाम किस देवता के नाम पर रखा गया है?
इस महीने का नाम भगवान कार्तिकेय के नाम पर रखा गया है।
