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हनुमान जी को सरसों का तेल: आध्यात्मिक लाभ और पूजा विधि | धर्म और पूजा Mustard Oil: Hanuman Puja Ritual
साधनान्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, हनुमान जी की पूजा में सरसों के तेल का प्रयोग एक प्राचीन और प्रभावशाली साधना है।
हालांकि चमेली के तेल और सिंदूर का प्रयोग अधिक प्रचलित है, परंतु सरसों के तेल का महत्व कम नहीं है।
यह विशेषतः शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक माना जाता है।
मान्यता है कि सरसों के तेल के अर्पण से न केवल हनुमान जी प्रसन्न होते हैं, अपितु शनिदेव की कृपा भी प्राप्त होती है, जिससे जीवन की कठिनाइयाँ कम होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।
मंगलवार और शनिवार को यह उपाय करने का विशेष महत्व बताया गया है, क्योंकि मंगलवार हनुमान जी का और शनिवार शनिदेव का दिन है।
इस दिन हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र के समक्ष दीपक जलाकर, सरसों के तेल से अभिषेक करें और अपनी मनोकामनाएँ प्रभु के चरणों में अर्पित करें।
ध्यान रहे, तेल साफ और शुद्ध होना चाहिए।
इस पूजा विधि से न केवल शनि के प्रतिकूल प्रभावों से मुक्ति मिलती है, अपितु जीवन में आने वाली अन्य समस्याओं का भी निवारण होता है।
इस प्रकार, सरसों का तेल अर्पित करना एक सरल पर प्रभावी साधना है जो धर्म और आध्यात्मिकता में गहरी आस्था रखने वालों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है।
यह पूजा विधि आस्था और श्रद्धा पर आधारित है और इसके परिणाम व्यक्तिगत अनुभवों पर निर्भर करते हैं।
- सरसों के तेल से हनुमान जी का अभिषेक शनि दोष निवारण में सहायक है।
- मंगलवार और शनिवार को यह पूजा विधि अधिक प्रभावशाली मानी जाती है।
- यह पूजा विधि आध्यात्मिक शक्ति और आस्था को बढ़ाती है।
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Posted on 19 September 2025 | Check साधनान्यूज़.com for more coverage.
