एक नज़र में
- विपक्षी नेताओं की याचिका में सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने 14 खामियां बताईं।
- याचिका में 220 रुपए कम कोर्ट फीस जमा करने और दस्तावेजों की कमी का जिक्र।
- वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है याचिका।
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव सहित 11 विपक्षी नेताओं द्वारा दायर याचिका में करीब 14 खामियां निकाली हैं। यह याचिका वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से संबंधित है।
रस्टी ने बताया कि याचिका के साथ जमा किए गए कुछ दस्तावेज पढ़ने लायक नहीं हैं और कुछ गायब हैं। साथ ही, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आईडी कार्ड की साफ कॉपी मांगी गई है और 9 याचिकाकर्ताओं ने लिखित सहमति नहीं दी थी। इसके अलावा 220 रुपए कम कोर्ट फीस जमा करने की बात भी सामने आई है।
याचिका में भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार समेत अन्य को पक्षकार बनाया गया है। विपक्षी नेताओं ने एक स्वतंत्र समिति बनाकर वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों का ऑडिट कराने की मांग की है।
खबर का संदर्भ
यह मामला विपक्षी नेताओं द्वारा वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया में गड़बड़ियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और उस पर रजिस्ट्री द्वारा उठाई गई तकनीकी आपत्तियों से संबंधित है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. विपक्षी नेताओं की याचिका किससे जुड़ी है?
यह याचिका वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है।
02. रस्टी ने याचिका में मुख्य रूप से क्या खामियां बताई हैं?
रजिस्ट्री ने 220 रुपए कम कोर्ट फीस, कुछ दस्तावेजों के गायब या धुंधला होने और लिखित सहमति के अभाव जैसी 14 खामियां बताई हैं।
