एक नज़र में
- केरल के मुख्यमंत्री ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर जांच को बदले की कार्रवाई बताने वाले आरोप खारिज किए।
- जांच करीब दो दशक पुरानी सड़क परियोजना और उस समय पीडब्ल्यूडी सचिव रहे कुमार के कार्यकाल से जुड़ी है।
- मुख्यमंत्री के अनुसार यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर सामान्य प्रक्रिया के तहत की गई है।
केरल के मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है कि राज्य सरकार ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से जुड़े सड़क परियोजना मामले में सतर्कता जांच का आदेश राजनीतिक बदले की भावना से दिया है।
यह मामला करीब दो दशक पुराना है, जब ज्ञानेश कुमार राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के सचिव के पद पर तैनात थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने यह कदम किसी बदले की भावना से नहीं, बल्कि एक शिकायत मिलने के बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत उठाया है और कानून अपना काम करेगा।
यह जांच ऐसे समय में हो रही है जब मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष और कांग्रेस चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
खबर का संदर्भ
यह मामला लगभग दो दशक पुराना है जब वर्तमान मुख्य निर्वाचन आयुक्त केरल में लोक निर्माण विभाग के सचिव थे। हाल ही में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर चल रहे राजनीतिक विरोध के बीच इस पुरानी सड़क परियोजना और एक इंजीनियर की मृत्यु से जुड़े मामले में सतर्कता जांच के आदेश दिए जाने पर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हुई हैं, जिन्हें राज्य के मुख्यमंत्री ने स्पष्ट करते हुए राजनीतिक बदले की भावना से इंकार किया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच किस विभाग से जुड़ी है?
यह जांच राज्य के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़ी केएसटीपी सड़क परियोजना के मामले में है।
02. यह मामला कितने साल पुराना है?
यह मामला करीब दो दशक पुराना है जब ज्ञानेश कुमार पीडब्ल्यूडी सचिव थे।
