📅 09 अप्रैल 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- पाइका एक ईटिंग डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति गैर-खाद्य पदार्थों जैसे मिट्टी, चॉक आदि खाने की इच्छा रखता है।
- शरीर में आयरन और जिंक जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण पाइका की समस्या हो सकती है, खासकर महिलाओं में।
- पाइका होने पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए और आयरन युक्त आहार और सप्लीमेंट्स लेने चाहिए।
नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि छोटे बच्चे दीवार की पपड़ी, मिट्टी या चॉक खाते हैं। कई लोग इसे सामान्य समझकर बच्चे को डांटते हैं, लेकिन यह शरीर में पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। कई बार वयस्कों, खासकर महिलाओं में भी यह समस्या देखी जाती है। मिट्टी, कच्चा कोयला, चॉक या कागज जैसी अजीब चीजें खाने की तीव्र इच्छा होती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘पाइका’ कहते हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, जब किसी व्यक्ति का मन ऐसी चीजें खाने को करे जिनमें कोई पोषण न हो, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। पाइका होने का सबसे बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी है। जब बॉडी में हीमोग्लोबिन का स्तर गिरता है, तो मस्तिष्क इस तरह की असामान्य चीजों की तरफ आकर्षित होता है। ऐसी इच्छा होने पर सतर्क हो जाना चाहिए। वजन घटने के अन्य कारणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
यह एक मिथक है कि केवल बच्चों को ही मिट्टी या चॉक खाने की आदत होती है। यह समस्या किसी भी उम्र के साथ हो सकती है, चाहे बच्चे हों, जवान हों या बुजुर्ग। बड़े लोग अक्सर शर्म के कारण इसे छिपाते हैं, लेकिन यह एक शारीरिक समस्या है जिसे पोषण से ठीक किया जा सकता है। चॉक या मिट्टी खाने का मन करने का मूल कारण शरीर में आयरन और कभी-कभी जिंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी होना है।
जब खून में आयरन का स्तर कम होता है, तो व्यक्ति की स्वाद ग्रंथियां बदलने लगती हैं। ऐसे में चॉक का टेक्सचर और मिट्टी की खुशबू पसंद आने लगती है। यह मस्तिष्क की एक प्रतिक्रिया है, जो शरीर में चल रही अंदरूनी कमी को दर्शाता है। महिलाओं में गर्भावस्था, मासिक धर्म और स्तनपान के दौरान शरीर में आयरन की कमी हो जाती है, जिससे यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। सही स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए आयरन का पर्याप्त स्तर बनाए रखना आवश्यक है। डॉक्टर से सलाह लेकर उचित उपचार और आहार परिवर्तन किए जा सकते हैं।
भारत में महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है क्योंकि गर्भावस्था, मासिक धर्म और स्तनपान के दौरान शरीर में आयरन की कमी हो जाती है। इस समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श करके उचित उपचार कराना चाहिए। आयरन युक्त आहार और सप्लीमेंट्स के माध्यम से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। सही स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए आयरन का पर्याप्त स्तर बनाए रखना आवश्यक है।
पाइका एक गंभीर समस्या हो सकती है, लेकिन सही निदान और उपचार से इसे ठीक किया जा सकता है। यदि आपको या आपके किसी परिचित को मिट्टी, चॉक या अन्य गैर-खाद्य पदार्थों को खाने की इच्छा होती है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज कराने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक असामान्य ईटिंग डिसऑर्डर, पाइका के बारे में जागरूकता बढ़ाती है। यह लोगों को शरीर में पोषक तत्वों की कमी के संकेतों को पहचानने और समय पर उचित कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करती है। पाइका को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है। सही जानकारी और उपचार से इस समस्या से निजात पाया जा सकता है। स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने में यह खबर महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ पाइका क्या है? (What is Pica?)
पाइका एक ईटिंग डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति गैर-खाद्य पदार्थों जैसे मिट्टी, चॉक, कागज आदि खाने की तीव्र इच्छा रखता है। यह समस्या आमतौर पर पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है।
❓ पाइका के मुख्य कारण क्या हैं? (What are the main causes of Pica?)
पाइका का मुख्य कारण शरीर में आयरन, जिंक और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होना है। गर्भावस्था, मासिक धर्म और स्तनपान के दौरान महिलाओं में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
❓ पाइका के लक्षण क्या हैं? (What are the symptoms of Pica?)
पाइका का मुख्य लक्षण गैर-खाद्य पदार्थों को खाने की तीव्र इच्छा होना है। इसके अलावा, थकान, कमजोरी और अन्य पोषक तत्वों की कमी से जुड़े लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।
❓ पाइका का इलाज कैसे किया जाता है? (How is Pica treated?)
पाइका का इलाज मुख्य रूप से पोषक तत्वों की कमी को पूरा करके किया जाता है। डॉक्टर आयरन, जिंक और अन्य आवश्यक सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दे सकते हैं। इसके साथ ही, संतुलित आहार लेना भी महत्वपूर्ण है।
❓ क्या पाइका बच्चों में आम है? (Is Pica common in children?)
पाइका बच्चों में आम हो सकता है, लेकिन यह किसी भी उम्र में हो सकता है। बच्चों में यह समस्या अक्सर मिट्टी, चॉक या कागज खाने की इच्छा के रूप में देखी जाती है। सही पोषण और देखभाल से इसे ठीक किया जा सकता है।
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Source: Agency Inputs
| Published: 09 अप्रैल 2026
