एक नज़र में
- जीएसटी अधिकारियों का करदाताओं को गिरफ्तार करने का अधिकार समाप्त किया गया।
- आपराधिक अभियोजन की सीमा बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये की गई।
- सभी नए सुधार एक अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
जीएसटी परिषद ने कर प्रशासन में व्यापक बदलावों को मंजूरी देते हुए करदाताओं की गिरफ्तारी का अधिकार समाप्त करने का फैसला किया है। इसके साथ ही आपराधिक अभियोजन की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है और अधिकांश दावों के लिए तेज रिफंड की व्यवस्था की गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया कि ये सुधार भरोसे के सिद्धांत पर आधारित हैं और एक अप्रैल 2027 से लागू होंगे। परिषद ने छोटे आपूर्तिकर्ताओं के लिए ई-कॉमर्स मंचों पर पंजीकरण आसान बनाने और जीएसटी नोटिस जारी करने के लिए 10,000 रुपये की न्यूनतम सीमा को भी मंजूरी दी है।
सुधारों के तहत रिफंड आवेदन की प्राप्ति की पुष्टि की अवधि 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी गई है। पांच करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले और केवल उपभोक्ताओं को आपूर्ति करने वाले कारोबारियों के लिए साल में एक बार रिटर्न दाखिल करने और तिमाही कर भुगतान का वैकल्पिक प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है।
इसके अलावा, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन बीमा, दूरसंचार टावर, कारखाने के बाहर पाइपलाइन, मुफ्त नमूनों और नष्ट हुए माल पर इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध होगा। वाहन केवल विशेष खुफिया सूचना और संयुक्त आयुक्त की मंजूरी पर ही रोके जा सकेंगे।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए निर्णयों पर आधारित है, जिनका उद्देश्य कर प्रशासन को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और भरोसे पर आधारित बनाना है। इन बदलावों से करदाताओं को अनुपालन में राहत मिलने और कार्यशील पूंजी बढ़ने की उम्मीद है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. जीएसटी के नए सुधार कब से लागू होंगे?
ये सुधार एक अप्रैल, 2027 से लागू किए जाएंगे।
02. रिफंड आवेदन की प्राप्ति की पुष्टि की अवधि कितनी कर दी गई है?
इसे 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया गया है।
