एक नज़र में
- अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर हमले किए।
- हमलों का उद्देश्य सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का उपयोग कर रहे ईरानियों को निशाना बनाना था।
- ईरान ने जलमार्ग खोलने और परमाणु वार्ता बहाल करने की योजना का उल्लेख किया है।
अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई करते हुए हमले किए हैं। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार यह कार्रवाई मध्यावधि चुनावों से एक दिन पहले सीमित सैन्य अभियान के रूप में की गई है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास केश्म, हेंगम द्वीपों और बंदर अब्बास इलाके में विस्फोटों की आवाजें सुने जाने की सूचना दी है। अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इन हमलों में अमेरिका के खिलाफ सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल कर रहे ईरानियों को निशाना बनाया गया।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब ईरान ने कहा है कि जलमार्ग को फिर से खोलने और परमाणु वार्ता बहाल करने के लिए उसके पास योजना है। अमेरिका इस क्षेत्र में नौसैनिक नाकेबंदी बनाए हुए है और मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैन्य बल भेज रहा है।
खबर का संदर्भ
यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक हैं और वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति व अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। अमेरिका और ईरान के बीच सामरिक तनाव और नौसैनिक नाकेबंदी इस संघर्ष का मुख्य हिस्सा बने हुए हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. अमेरिका ने किन ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया?
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास केश्म, हेंगम द्वीपों और बंदर अब्बास इलाके में मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया।
