एक नज़र में
- जुड़वां या तीन बच्चियां एक साथ होने पर तीसरी बेटी का भी खाता खुल सकता है।
- तीसरी बेटी का खाता खुलवाने के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट देना अनिवार्य है।
- खाता खोलने के लिए न्यूनतम राशि 250 रुपये है।
सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के अनुसार आमतौर पर एक परिवार में केवल दो बेटियों के लिए ही खाता खोला जा सकता है। हालांकि, यदि घर में जुड़वां या एक साथ तीन बच्चियों का जन्म होता है, तो ऐसी स्थिति में तीसरी बेटी के लिए भी खाता खुलवाने की अनुमति दी जाती है।
तीसरी बेटी का खाता खुलवाने के लिए माता-पिता को किसी सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल का मेडिकल सर्टिफिकेट देना आवश्यक होता है, जिससे यह साबित हो सके कि बच्चियों का जन्म जुड़वां या एक साथ हुआ है।
इस योजना के तहत किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में न्यूनतम 250 रुपये से खाता खोला जा सकता है और हर साल कम से कम 250 रुपये जमा करने होते हैं। एक खाते में अधिकतम 1.5 लाख रुपये सालाना जमा किए जा सकते हैं।
बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक माता-पिता खाते का संचालन करते हैं, और 18 वर्ष की आयु होने पर बेटी आवश्यक दस्तावेज जमा करके स्वयं अपने खाते का संचालन कर सकती है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों के तहत तीसरी बेटी के लिए खाता खोलने के प्रावधानों की जानकारी देती है, जिसके लिए जुड़वां या तीन बच्चियों के जन्म का मेडिकल प्रमाण पत्र देना होता है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. सुकन्या समृद्धि योजना में तीसरी बेटी का खाता कब खुल सकता है?
जुड़वां या एक साथ तीन बच्चियों का जन्म होने पर मेडिकल सर्टिफिकेट देकर तीसरी बेटी का खाता खुलवाया जा सकता है।
02. खाता खुलवाने के लिए न्यूनतम राशि कितनी है?
किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में केवल 250 रुपये देकर खाता खुलवाया जा सकता है।
