एक नज़र में
- ईमुद्रा ने सुरक्षा कुंजियों में खामी के बाद एसएसएल और टीएलएस प्रमाणपत्र कारोबार छोड़ा।
- खबर के बाद कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत गिरकर निचले सर्किट पर पहुंचा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए विशेष दल गठित किया।
डिजिटल प्रमाणीकरण सेवाएं देने वाली कंपनी ईमुद्रा ने अपने प्रमाणन प्राधिकरणों की ओर से जारी सुरक्षा कुंजियों में खामी सामने आने के बाद सुरक्षित सॉकेट लेयर और ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी प्रमाणपत्र कारोबार से बाहर निकलने का निर्णय लिया है। इस खबर के आने के बाद बीएसई में कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत टूटकर निचले सर्किट पर आ गया।
कंपनी के आठ प्रमाणन प्राधिकरणों में निर्धारित मानकों के मुकाबले कमजोर सुरक्षा कुंजियों का इस्तेमाल किया गया था। एक साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोजिला को इस खामी की जानकारी दी थी। शोधकर्ता के अनुसार, इन कमजोर सुरक्षा कुंजियों का कृत्रिम मेधा की मदद से विश्लेषण कर उनका गुप्त स्वरूप निकाला जा सकता था।
इस मामले का संज्ञान लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ईमुद्रा में सुरक्षा संबंधी घटना की जांच के लिए एक विशेष दल गठित किया है। कंपनी के चेयरमैन वी. श्रीनिवासन ने कहा कि खामी का पता चलने के 14 घंटे के भीतर प्रभावित प्रमाणन प्राधिकरणों को निरस्त कर दिया गया था।
कंपनी के अनुसार, प्रभावित प्रमाणन प्राधिकरणों से अंतिम उपयोगकर्ताओं के लिए कोई प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया था और न ही कोई डेटा चोरी हुआ। कंपनी अब अपने मुख्य उद्यम समाधान और अन्य डिजिटल ट्रस्ट सेवाओं पर अधिक ध्यान देगी।
खबर का संदर्भ
ईमुद्रा द्वारा एसएसएल और टीएलएस प्रमाणपत्र कारोबार से हटने का निर्णय सुरक्षा कुंजियों में पाई गई खामियों और बढ़ती जटिलताओं के कारण लिया गया है। इस घटना के बाद तकनीकी और विधिक स्तर पर जांच शुरू हो चुकी है, जिसका असर कंपनी के शेयरों पर भी देखा गया है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. ईमुद्रा ने किस कारोबार को छोड़ने का फैसला किया है?
ईमुद्रा ने सुरक्षित सॉकेट लेयर और ट्रांसपोर्ट लेयर सिक्योरिटी प्रमाणपत्र कारोबार को छोड़ने का फैसला किया है।
02. इस फैसले का कंपनी के शेयर पर क्या असर पड़ा?
कंपनी का शेयर 20 प्रतिशत टूटकर निचले सर्किट पर आ गया।
