एक नज़र में
- सरकार नए नियमों के तहत एयरलाइंस के किराए को सीधे नियंत्रित नहीं करेगी।
- प्राकृतिक आपदा या इमरजेंसी जैसे हालात में सरकार किराया तय कर सकेगी।
- फ्लाइट के किराए की जानकारी एक महीने पहले डीजीसीए को देनी होगी।
केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि नए नियमों के अंतर्गत एयरलाइंस के किराए को सीधे नियंत्रित नहीं किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एयरलाइंस मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर अपने टिकट के दाम तय कर सकेंगी।
हालांकि, प्राकृतिक आपदा या आपातकाल जैसी स्थितियों में सरकार के पास किराया तय करने की शक्ति होगी, जिससे यात्रियों को अत्यधिक भुगतान न करना पड़े। नए नियमों के प्रावधानों के तहत एयरलाइंस को अपनी उड़ानों के किराए की जानकारी एक महीने पहले नागर विमानन महानिदेशालय को देनी होगी।
यह जानकारी विमानन कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करनी होगी। डीजीसीए इस बात की निगरानी करेगा कि कोई भी एयरलाइन निर्धारित सीमा से अधिक किराया न वसूले। इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि एयरलाइंस के मनमाने किराए पर रोक लगाने हेतु नए नियम लागू किए जाएंगे।
त्योहारों और छुट्टियों के दौरान फ्लाइट के टिकट महंगे होने का कारण हवाई ईंधन की बढ़ती कीमतें और कम उड़ानें हैं। विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के अनुसार, एटीएफ की कीमतें बढ़ने के कारण किराए को नियंत्रित रखना एक चुनौती बना हुआ है।
जेट फ्यूल महंगा होने की वजह से कुछ दिनों पहले एअर इंडिया और इंडिगो ने किराया बढ़ाया था। एअर इंडिया ने घरेलू उड़ानों में अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाने की घोषणा की थी, जो एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट विमानन क्षेत्र में किराए के नियंत्रण और नए नियमों से जुड़े घटनाक्रम को प्रस्तुत करती है। विमानन ईंधन की कीमतों में वृद्धि और त्योहारी सीजन के दौरान किराए में बढ़ोतरी एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई है, जिस पर सरकार और नियामक निकायों की नजर है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. क्या सरकार एयरलाइंस के किराए को सीधे नियंत्रित करेगी?
नहीं, सरकार किराए को सीधे नियंत्रित नहीं करेगी, लेकिन इमरजेंसी या प्राकृतिक आपदा जैसे हालातों में कीमत तय कर सकेगी।
02. एयरलाइंस को किराए की जानकारी किसे देनी होगी?
एयरलाइंस को फ्लाइट के किराए की जानकारी एक महीने पहले नागर विमानन महानिदेशालय को देनी होगी।
