एक नज़र में
- 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का आदेश
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार जनवरी को होगा
- राजनीतिक दलों को पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप में दी जाएगी सूची
निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का आदेश दिया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर जैसे वे राज्य भी शामिल हैं जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।
आयोग के अनुसार यह निर्वाचन कानून के तहत एक अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन चार जनवरी को किया जाएगा। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पात्र मतदाताओं, विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के नाम सूची में शामिल करना तथा प्रविष्टियों में सुधार करना है।
एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। अब मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां इमेज पीडीएफ के बजाय पढ़ने योग्य पीडीएफ प्रारूप में प्रदान की जाएंगी।
खबर का संदर्भ
मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण उन क्षेत्रों में विशेष रूप से किया जाता है जहां आगामी विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके जरिए चुनावी सूचियों को अद्यतन करने और पात्र नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का काम किया जाता है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होगी?
अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी को प्रकाशित की जाएगी।
02. पुनरीक्षण का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं, खासकर युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों के नाम सूची में शामिल करना और प्रविष्टियों में सुधार करना है।
