एक नज़र में
- राहुल गांधी ने लोकतंत्र की आवाज दबाने वालों को न्याय का सामना करने की चेतावनी दी।
- युवाओं से पुलिस बर्बरता और गैर-कानूनी हिरासत के वीडियो व फोटो रिकॉर्ड रखने को कहा।
- शांतिपूर्ण विरोध को संवैधानिक अधिकार बताया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना रुख कड़ा करते हुए कहा है कि जो लोग लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें जल्द ही न्याय की सख्त मार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने छात्रों और युवाओं से अपील की है कि जिन लोगों ने पुलिस की बर्बरता या गैर-कानूनी हिरासत का सामना किया है, वे इन घटनाओं के वीडियो और फोटो जैसे पूरे रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। उन्होंने जोर देकर कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करना एक संवैधानिक अधिकार है जिसे छीना नहीं जा सकता।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट की बात सामने आई थी। गांधी ने चेतावनी दी कि इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को परिणाम भुगतने होंगे।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट राहुल गांधी के उस बयान पर आधारित है जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार, शीर्ष नेतृत्व और चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा है तथा युवाओं से पुलिस कार्रवाई के सबूत जुटाने की अपील की है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. राहुल गांधी ने किन लोगों का नाम लिया?
उन्होंने नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का नाम लिया।
02. राहुल गांधी ने युवाओं से क्या अपील की?
उन्होंने युवाओं से पुलिस की बर्बरता और गैर-कानूनी हिरासत के वीडियो या फोटो रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा।
