एक नज़र में
- बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक गिरकर 71,924.68 पर बंद हुआ।
- एनएसई निफ्टी में 157.10 अंक की गिरावट दर्ज की गई।
- सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई।
कच्चे तेल के दामों में तेजी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली के दबाव के कारण घरेलू शेयर बाजार नुकसान में बंद हुए। मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स लगभग 548 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी में 157 अंक की गिरावट आई। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 अंक पर बंद हुआ। सत्र के दौरान यह एक समय 796.23 अंक तक टूट गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत के नुकसान के साथ 22,363.35 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में आईटीसी, टेक महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचसीएल टेक के शेयर लाभ के साथ बंद हुए।
बाजार बंद होने के बाद जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं के महंगा होने के कारण खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई। यह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की नई श्रृंखला के तहत अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल का वायदा भाव 1.14 प्रतिशत बढ़कर 105.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
खबर का संदर्भ
समीक्षाधीन अवधि में वैश्विक कारकों, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर भारतीय शेयर बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा गया। इसके साथ ही खुदरा महंगाई दर के बढ़ने और बॉण्ड प्रतिफल में वृद्धि जैसी आर्थिक परिस्थितियां बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. सेंसेक्स में कितने अंकों की गिरावट आई?
बीएसई सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,924.68 अंक पर बंद हुआ।
02. सितंबर में खुदरा महंगाई दर कितनी रही?
सितंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई।
