एक नज़र में
- टेक्सास के फोर्ट हूड में 2009 में हुई थी गोलीबारी की घटना
- मेजर निदाल मलिक हसन को तीन दिसंबर को दी जाएगी मौत की सजा
- घटना में 13 लोगों की हुई थी मौत और 30 से अधिक घायल हुए थे
अमेरिकी सेना के कार्यवाहक सचिव ने जानकारी दी है कि 2009 में टेक्सास के फोर्ट हूड में हुई गोलीबारी की घटना के दोषी मेजर निदाल मलिक हसन को तीन दिसंबर को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी। पेंटागन के प्रवक्ता के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सजा को मंजूरी दी है।
यह घटना 2009 में फोर्ट हूड के एक चिकित्सा भवन में हुई थी, जहां सैनिकों की चिकित्सीय जांच की जा रही थी। सेना में मनोचिकित्सक के रूप में कार्यरत हसन ने वहां पहुंचकर गोलीबारी की थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक घायल हुए थे।
सुनवाई के दौरान हसन ने बताया था कि उसने सैनिकों को अफगानिस्तान जाने और साथी मुसलमानों को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया था। अमेरिकी सैन्य न्याय प्रणाली में मृत्युदंड और उसका क्रियान्वयन बेहद दुर्लभ माना जाता है।
खबर का संदर्भ
यह घटना अमेरिकी सैन्य इतिहास और न्याय प्रणाली से जुड़ी है, जहां सैन्य अदालतों द्वारा मौत की सजा और उसका क्रियान्वयन अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। अमेरिकी सेना द्वारा 1961 के बाद से किसी को मौत की सजा नहीं दी गई है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. निदाल मलिक हसन को मौत की सजा कब दी जाएगी?
उन्हें तीन दिसंबर को मौत की सजा दी जाएगी।
02. फोर्ट हूड की घटना में कितने लोग मारे गए थे?
इस घटना में 13 लोगों की मौत हुई थी और 30 से अधिक घायल हुए थे।
