एक नज़र में
- मंत्रिमंडल ने एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण की स्थापना को दी मंजूरी
- एसएमई वृद्धि कोष के लिए सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता मंजूर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण स्थापित करने और लघु एवं मझोले उद्यमों में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश के लिए एसएमई वृद्धि कोष स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के फैसलों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों का देश की आर्थिक वृद्धि पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि मंत्रिमंडल ने भारत की परिवहन व्यवस्था में बेहतर समन्वय, आंकड़ा आधारित योजना और विभिन्न परिवहन साधनों के एकीकरण के लिए एकीकृत परिवहन एवं लॉजिस्टिक प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दी है। इस विशेष उद्देश्य के लिए गठित इकाई का उद्देश्य सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, जलमार्ग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यम क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन बताते हुए कहा कि मंत्रिमंडल का यह फैसला अगली पीढ़ी के भारतीय उद्योग प्रमुखों को तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह एसएमई को विस्तार करने, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां अपनाने, विनिर्माण बढ़ाने, वैश्विक बाजारों में प्रवेश करने और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जुड़نے के लिए मंच उपलब्ध कराता है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एसएमई वृद्धि कोष स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य वृद्धि केंद्रित पूंजी उपलब्ध कराकर एसएमई के विस्तार को बढ़ावा देना और विनिर्माण, सेवा, प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष आधारित क्षेत्रों तथा रणनीतिक मूल्य श्रृंखलाओं में भारतीय कंपनियों को मजबूत बनाना है।
खबर का संदर्भ
यह रिपोर्ट केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए दो प्रमुख नीतिगत निर्णयों पर आधारित है, जिनका उद्देश्य देश की परिवहन व्यवस्था में सुधार करना और लघु एवं मझोले उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. आईटीएलए की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, जलमार्ग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक के बीच बेहतर संपर्क और समन्वय सुनिश्चित करना है।
02. एसएमई वृद्धि कोष के लिए सरकार ने कितनी राशि की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी है?
सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये देने की प्रतिबद्धता को मंजूरी दी गई है।
