एक नज़र में
- पीसीबी से एनओसी न मिलने के कारण पाकिस्तान चैंपियंस ने डब्ल्यूसीएल का तीसरा सत्र छोड़ा
- 10 अक्टूबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला अब नहीं खेला जाएगा
- डब्ल्यूसीएल का तीसरा सत्र अब छह टीमों के साथ आयोजित होगा
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा खिलाड़ियों को जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किए जाने के बाद पाकिस्तान चैंपियंस ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के तीसरे सत्र से अपना नाम वापस ले लिया है। टीम प्रबंधन और पीसीबी के बीच भागीदारी को लेकर बातचीत चल रही थी और टीम के मालिक ने बोर्ड से फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह भी किया था, लेकिन गतिरोध दूर नहीं हो सका।
पाकिस्तान चैंपियंस ने अपने बयान में कहा कि पीसीबी द्वारा एनओसी जारी न करने के फैसले को बरकरार रखने के कारण वे इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। टीम ने बोर्ड के अधिकार और फैसले का सम्मान करने की बात कही है। इस हटने के घटनाक्रम के बाद आगामी 10 अक्टूबर को होने वाला भारत-पाकिस्तान मुकाबला भी नहीं खेला जाएगा।
यह घटनाक्रम पीसीबी और डब्ल्यूसीएल आयोजकों के बीच पिछले साल के विवाद के बाद सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, पीसीबी ने कुछ शर्तें रखी थीं जिनमें पिछले साल मैच न खेलने पर भारतीय खिलाड़ियों से लिखित माफी और हाथ मिलाने का आश्वासन शामिल था, जिसे आयोजकों ने मानने से इनकार कर दिया था। पाकिस्तान चैंपियंस पिछले दोनों सत्रों में उपविजेता रही थी।
डब्ल्यूसीएल ने भी पाकिस्तान चैंपियंस के हटने की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तीसरे सत्र में छह टीमें हिस्सा लेंगी और टूर्नामेंट जारी रहेगा।
खबर का संदर्भ
यह घटना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और टूर्नामेंट आयोजकों के बीच पिछले सत्र के विवाद और शर्तों को लेकर बने गतिरोध का परिणाम है, जिसके चलते एनओसी न मिलने से टीम को नाम वापस लेना पड़ा।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पाकिस्तान चैंपियंस ने डब्ल्यूसीएल से क्यों नाम वापस लिया?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा खिलाड़ियों को जरूरी एनओसी जारी नहीं किए जाने के कारण।
02. अब डब्ल्यूसीएल के तीसरे सत्र में कितनी टीमें हिस्सा लेंगी?
अब तीसरे सत्र में छह टीमें हिस्सा लेंगी।
