एक नज़र में
- पाकिस्तान सरकार और पीटीआई के बीच वार्ता बेनतीजा समाप्त हुई।
- पीटीआई ने खैबर पख्तूनख्वा से इस्लामाबाद तक मार्च जारी रखने का ऐलान किया है।
- सरकार ने प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश न देने की बात कही है।
पाकिस्तान सरकार और इमरान खान की पार्टी ‘पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ’ (पीटीआई) के बीच हुई बातचीत बिना किसी सहमति के समाप्त हो गई। वार्ता विफल होने के बाद पार्टी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से राजधानी इस्लामाबाद की ओर अपने मार्च की योजना पर आगे बढ़ने की घोषणा की है।
सरकार के वार्ताकारों और पीटीआई नेताओं के बीच बातचीत का दूसरा दौर शनिवार शाम शुरू होकर रातभर चला और रविवार तड़के समाप्त हुआ। पीटीआई ने इससे पहले विरोध प्रदर्शन को चार अक्टूबर तक टाल दिया था। पार्टी की प्रमुख मांगों में जेल में बंद 73 वर्षीय इमरान खान से मुलाकात, उनकी और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की चिकित्सीय जांच तथा गिरफ्तार लोगों की रिहाई शामिल है।
सरकार का पक्ष रखते हुए गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने बताया कि बातचीत मुख्य रूप से इसलिए विफल रही क्योंकि खैबर पख्तूनख्वा सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग का आश्वासन नहीं दे सकी। वहीं, प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घोषणा की कि पार्टी समर्थक रविवार दोपहर मार्च में शामिल होंगे। सरकार चाहती थी कि पार्टी पहले विरोध प्रदर्शन रद्द करने की घोषणा करे, जबकि पार्टी की मांग थी कि प्रदर्शन पर फैसला लेने से पहले उन्हें खान से मिलने दिया जाए।
खबर का संदर्भ
यह घटना पाकिस्तान की संघीय सरकार और विपक्षी दल पीटीआई के बीच लंबे समय से चल रहे राजनीतिक तनाव का हिस्सा है, जहां पार्टी अपने संस्थापक इमरान खान की रिहाई और चिकित्सीय सुविधाओं को लेकर दबाव बना रही है।
EXPLAINED
आपके सवाल, सीधे जवाब
01. पीटीआई की प्रमुख मांगें क्या हैं?
पार्टी की प्रमुख मांगों में इमरान खान से मुलाकात, उन्हें अस्पताल ले जाना, बुशरा बीबी की चिकित्सकीय जांच और गिरफ्तार लोगों की रिहाई शामिल है।
02. वार्ता विफल होने का मुख्य कारण क्या बताया गया?
सरकार के अनुसार वार्ता इसलिए विफल हुई क्योंकि खैबर पख्तूनख्वा सरकार आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का आश्वासन नहीं दे सकी, जबकि मुलाकात के मुद्दे पर भी सहमति नहीं बन पाई।
