📅 11 जुलाई 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- चांदी आज ₹3,404 सस्ती हुई, इस महीने ₹5,040 गिरी; सोना ₹288 घटकर ₹1.43 लाख प्रति 10 ग्राम पर आया।
- इस साल सोने-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, चांदी अपने ऑल टाइम हाई से ₹1.66 लाख सस्ती हुई।
- केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है, जिससे विदेशी खरीद कम होगी।
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में 10 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में ₹3,404 की कमी आई है, जिससे यह ₹2,20,390 पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹288 सस्ता होकर ₹1,43,368 लाख पर पहुंच गया। यह गिरावट निवेशकों और उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, जो इस कीमती धातु उद्योग में निवेश के अवसरों पर नजर रख रहे हैं।
इस महीने सोने और चांदी की कीमतों में मिश्रित रुझान देखने को मिला है। जहां सोना इस महीने ₹1,736 बढ़ा है, वहीं चांदी की कीमत में ₹5,040 की गिरावट आई है। 1 जुलाई को सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2.25 लाख प्रति किलो थी। इस साल सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। 29 जनवरी को चांदी ₹3.86 लाख प्रति किलो के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जिसके बाद से यह ₹1.66 लाख सस्ती हो चुकी है। यह अस्थिरता वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाओं का सीधा परिणाम है, जो शेयर मार्केट को भी प्रभावित करती है।
कीमतों में इस बदलाव के बीच, केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिया है। सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश में विदेशी खरीद को कम करना और भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है। अमेरिकी-ईरान जंग जैसी वैश्विक घटनाएं भी इन कीमती धातुओं की मांग और आपूर्ति को प्रभावित करती हैं, जिससे वित्त बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है।
आयात शुल्क में वृद्धि से घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। यह कदम स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णयों की समीक्षा करें। आने वाले समय में, वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सरकारी नीतियों का इन धातुओं के मूल्य पर गहरा असर देखने को मिलेगा, जिससे उद्योग में नए अवसर और चुनौतियां पैदा होंगी।
🔍 खबर का विश्लेषण
यह खबर भारतीय अर्थव्यवस्था और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है। सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट और आयात शुल्क में वृद्धि से घरेलू बाजार पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार का यह कदम विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने और आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक रणनीतिक पहल है। इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन साथ ही उपभोक्ताओं के लिए कीमतें प्रभावित हो सकती हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव भी इन कीमती धातुओं के बाजार को लगातार प्रभावित कर रहा है, जिससे निवेश के फैसले और भी चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ आज सोने और चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
10 जुलाई को एक किलो चांदी ₹3,404 सस्ती होकर ₹2,20,390 पर आ गई, जबकि 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹288 घटकर ₹1,43,368 लाख पर पहुंच गया। यह गिरावट बाजार में निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है।
❓ इस महीने सोने और चांदी की कीमतों में क्या बदलाव आया है?
इस महीने सोने के दाम ₹1,736 बढ़े हैं, जबकि चांदी की कीमत में ₹5,040 की गिरावट दर्ज की गई है। 1 जुलाई को सोना ₹1.42 लाख/10 ग्राम और चांदी ₹2.25 लाख/किलो थी।
❓ सरकार ने सोने-चांदी पर आयात शुल्क क्यों बढ़ाया है?
केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना है।
❓ चांदी अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से कितनी सस्ती हुई है?
चांदी 29 जनवरी को ₹3.86 लाख प्रति किलो के अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 162 दिनों में चांदी ₹1.66 लाख सस्ती हो चुकी है, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
❓ सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के मुख्य कारण क्या हैं?
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कई कारण हैं, जिनमें वैश्विक आर्थिक स्थितियां, भू-राजनीतिक तनाव (जैसे अमेरिकी-ईरान जंग), केंद्रीय बैंकों की नीतियां और आयात शुल्क में बदलाव शामिल हैं। ये कारक बाजार को प्रभावित करते हैं।
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Source: Agency Inputs
| Published: 11 जुलाई 2026
