📅 14 मार्च 2026 | SadhnaNEWS Desk
🔑 मुख्य बातें
- लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 35% तक की वृद्धि की आशंका, जिससे कंप्यूटर बाजार की ग्रोथ में 8% तक की कमी आ सकती है।
- रैम की कीमतें पहले ही 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 10-12% की वृद्धि हुई है।
- AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती डिमांड के कारण मेमोरी की कीमतों में उछाल आया है, जिससे आम लैपटॉप के लिए इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स महंगे हो गए हैं।
नई दिल्ली: देश में लैपटॉप और डेस्कटॉप कंप्यूटर की कीमतें आने वाले महीनों में तेजी से बढ़ सकती हैं। प्रोसेसर, ग्राफिक्स कार्ड (GPU) और मेमोरी जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की लागत में वृद्धि के कारण इस साल कीमतों में 35% तक की वृद्धि होने की आशंका है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस मूल्य वृद्धि का कंप्यूटर बाजार की वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जो लगभग 8% तक कम हो सकती है।
IDC इंडिया के सीनियर मार्केट एनालिस्ट भरत शेनॉय के अनुसार, रैम (RAM) की कीमतें पहले ही 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 10-12% की वृद्धि हुई है। आशंका है कि मार्च महीने में कीमतों में 8-10% की और वृद्धि होगी, और आने वाले महीनों में 10% तक की अतिरिक्त वृद्धि हो सकती है। इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।
शेनॉय ने बताया कि जो लैपटॉप पहले 30,000 से 35,000 रुपये के बीच उपलब्ध थे, अब उनकी कीमत 45,000 रुपये के करीब पहुंच रही है। इस मूल्य वृद्धि के कारण छात्रों, होम यूजर्स और पहली बार कंप्यूटर खरीदने वालों के लिए अपग्रेड करना मुश्किल हो जाएगा। जानकारों का कहना है कि कीमतों में यह तेजी अगले 6-7 तिमाहियों तक जारी रह सकती है, और 2027 के दूसरे हाफ से पहले राहत मिलने की उम्मीद कम है।
काउंटरपॉइंट रिसर्च की सीनियर एनालिस्ट अंशिका जैन के अनुसार, मेमोरी (DRAM और NAND) की कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण ‘AI इंफ्रास्ट्रक्चर’ की बढ़ती डिमांड है। कंपनियां अब अपना प्रोडक्शन हाई-मार्जिन वाले सर्वर और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी की तरफ मोड़ रही हैं, जिससे आम लैपटॉप के लिए इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स महंगे हो गए हैं। इसके अलावा इंटेल के एंट्री-लेवल प्रोसेसर की कमी ने भी मुश्किल बढ़ा दी है। इस वजह से तकनीक और गैजेट बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में चल रहे तनाव के कारण भविष्य में संकट और गहरा सकता है। यह रूट एनर्जी और पेट्रोकेमिकल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर यहां रुकावट लंबी रहती है, तो इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ेगा, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में स्मार्टफोन और इंटरनेट पर निर्भर लोगों को भी नुकसान होगा।
कुल मिलाकर, लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत और सप्लाई चेन में आने वाली बाधाएं हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती डिमांड और भू-राजनीतिक तनावों ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। उपभोक्ताओं को आने वाले समय में कंप्यूटर खरीदने के लिए अधिक पैसे खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनियां और सरकार इस चुनौती का सामना कैसे करती हैं और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। तकनीक के इस दौर में, कंप्यूटर की बढ़ती कीमतें एक चिंता का विषय हैं, जिस पर ध्यान देना आवश्यक है।
🔍 खबर का विश्लेषण
इस खबर का महत्व यह है कि यह आम आदमी के बजट पर सीधा असर डालेगी। लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें बढ़ने से छात्रों और उन लोगों के लिए मुश्किल होगी जो पहली बार कंप्यूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं। यह डिजिटल डिवाइड को और बढ़ा सकता है, क्योंकि तकनीक तक पहुंच सीमित हो जाएगी। इसलिए सरकार और कंपनियों को मिलकर इस समस्या का समाधान ढूंढना होगा, ताकि तकनीक सभी के लिए सुलभ बनी रहे।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
❓ लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
प्रोसेसर, ग्राफिक्स कार्ड (GPU) और मेमोरी जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की लागत में वृद्धि के कारण लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतें बढ़ रही हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती डिमांड ने भी कीमतों को बढ़ाने में योगदान दिया है।
❓ कीमतों में कितनी वृद्धि होने की आशंका है?
इस साल लैपटॉप और डेस्कटॉप की कीमतों में 35% तक की वृद्धि होने की आशंका है। रैम की कीमतें पहले ही 2.5 से 3 गुना तक बढ़ चुकी हैं, जिसके परिणामस्वरूप कीमतों में 10-12% की वृद्धि हुई है।
❓ कीमतों में वृद्धि का कंप्यूटर बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कीमतों में इस वृद्धि की वजह से इस साल कंप्यूटर बाजार की ग्रोथ में 8% तक की कमी आ सकती है। इससे बाजार में अस्थिरता आ सकती है।
❓ कीमतों में वृद्धि का उपभोक्ताओं पर क्या असर होगा?
कीमतों में वृद्धि के कारण छात्रों, होम यूजर्स और पहली बार कंप्यूटर खरीदने वालों के लिए अपग्रेड करना मुश्किल हो जाएगा। इससे तकनीक तक पहुंच सीमित हो जाएगी और डिजिटल डिवाइड बढ़ सकता है।
❓ कीमतों में कब तक राहत मिलने की उम्मीद है?
जानकारों का कहना है कि कीमतों में यह तेजी अगले 6-7 तिमाहियों तक जारी रह सकती है, और 2027 के दूसरे हाफ से पहले राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए उपभोक्ताओं को तैयार रहना होगा।
📰 और पढ़ें:
देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए SadhnaNEWS.com पर बने रहें।
Source: Agency Inputs
| Published: 14 मार्च 2026
