भगवान शिव: नाग वासुकी की भक्ति और गले में नाग धारण का रहस्य
भगवान शिव के गले में नागराज वासुकी को धारण करने की पौराणिक कथा जानें। उनकी अनन्य भक्ति और महादेव की कृपा का रहस्य, जो सभी जीवों के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता ह
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एक समय ऐसा आया जब नारद मुनि ने भगवान विष्णु को ‘छलिया’ तक कह डाला। यह घटना दिखाती है कि भक्ति में भी क्रोध और निराशा की भावनाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। नारद मुनि क
हिरण्यकशिपु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान विष्णु का भक्त होने के कारण शत्रु माना। प्रह्लाद की भक्ति और हिरण्यकशिपु के अहंकार की कहानी धर्म के महत्व को दर्शाती