Headlines

दिल्ली: DLTA ने अनिल खन्ना पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप, 39 करोड़ की मांग

खेल
📅 04 अगस्त 2026 | SadhnaNEWS Desk

दिल्ली: DLTA ने अनिल खन्ना पर लगाए धोखाधड़ी के आरोप, 39 करोड़ की मांग - SadhnaNEWS Hindi News


🔑 मुख्य बातें

  • DLTA ने अनिल खन्ना पर AITA ट्रस्ट को अवैध समझौतों से करोड़ों रुपये दिलवाने का आरोप लगाया है।
  • भूमि हस्तांतरण में देरी के कारण खन्ना द्वारा 1.60 करोड़ रुपये ब्याज जमा कराने से विवाद गहराया है।
  • DLTA ने 2006-2023 के बीच AITA ट्रस्ट को दिए गए 39 करोड़ रुपये की 18% ब्याज सहित वापसी मांगी है।

नई दिल्ली: दिल्ली लॉन टेनिस संघ (DLTA) ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (AITA) ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अनिल खन्ना पर गंभीर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। DLTA ने दावा किया है कि खन्ना ने कथित अवैध समझौतों के माध्यम से AITA ट्रस्ट को DLTA स्टेडियम के किराए से करोड़ों रुपये दिलवाए। यह मामला भारतीय टेनिस जगत में एक बड़े विवाद का कारण बन गया है, जिससे खेल प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं।

आरोपों के अनुसार, खन्ना से जुड़ी कंपनियों और AITA ट्रस्ट के बीच हुए भूमि सौदे भी जांच के दायरे में हैं। गुरुग्राम स्थित भूमि के स्वामित्व हस्तांतरण में देरी के कारण खन्ना द्वारा ट्रस्ट को 1.60 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में जमा कराए जाने से विवाद और गहरा गया है। खन्ना ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है, उनका कहना है कि यह भुगतान किसी वित्तीय गड़बड़ी की स्वीकारोक्ति नहीं थी, बल्कि गुरुग्राम में राष्ट्रीय टेनिस अकादमी (NTA) से संबंधित भूमि के हस्तांतरण में देरी के कारण था, जिसे उनकी कंपनियों RLF लिमिटेड और ULIL लिमिटेड ने ट्रस्ट को बेचा था।

रोहित राजपाल के नेतृत्व वाली DLTA ने अब AITA ट्रस्ट से वर्ष 2006 से 2023 के बीच दिए गए लगभग 39 करोड़ रुपये की वापसी की मांग की है। इस राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मांगा गया है, जिससे कुल दावा काफी बढ़ जाता है। DLTA का आरोप है कि ये समझौते अवैध थे और इनसे संघ को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।

यह घटनाक्रम भारतीय खेल, विशेषकर टेनिस के लिए चिंताजनक है। ऐसे आरोप न केवल खेल संघों की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं, बल्कि भविष्य में टेनिस के विकास और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं। खेल प्रशासकों को इन गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी होगी ताकि भारतीय टेनिस की साख बनी रहे।

इस मामले के सामने आने के बाद AITA ट्रस्ट की भूमिका और उसके संचालन पर भी गहन scrutiny होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे होता है और क्या इससे भारतीय खेल संघों में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता आती है। भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए सख्त नियम और निगरानी तंत्र की आवश्यकता है, ताकि खेल और उसके खिलाड़ी प्रभावित न हों।

🔍 खबर का विश्लेषण

यह खबर भारतीय टेनिस प्रशासन में व्याप्त संभावित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों को उजागर करती है। DLTA द्वारा लगाए गए आरोप, विशेषकर 39 करोड़ रुपये की वापसी की मांग और भूमि सौदों की जांच, खेल संघों की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह मामला न केवल अनिल खन्ना की प्रतिष्ठा को प्रभावित करेगा, बल्कि AITA ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी गहन scrutiny लाएगा। इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह भारतीय खेल के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है, जहां वित्तीय अनुशासन और नैतिक आचरण की आवश्यकता पर जोर दिया जाएगा, ताकि खेल का विकास बाधित न हो।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

❓ DLTA ने अनिल खन्ना पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

DLTA ने अनिल खन्ना पर AITA ट्रस्ट को कथित अवैध समझौतों के जरिए DLTA स्टेडियम के किराए से करोड़ों रुपये दिलवाने का आरोप लगाया है। इसके अतिरिक्त, खन्ना से जुड़ी कंपनियों और AITA ट्रस्ट के बीच हुए भूमि सौदे भी जांच के दायरे में हैं, जिससे वित्तीय अनियमितताओं की आशंका है।

❓ अनिल खन्ना ने आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

अनिल खन्ना ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ट्रस्ट को 1.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया, लेकिन यह किसी वित्तीय गड़बड़ी की स्वीकारोक्ति नहीं थी। यह राशि गुरुग्राम में राष्ट्रीय टेनिस अकादमी से संबंधित भूमि के स्वामित्व हस्तांतरण में देरी के कारण ब्याज के रूप में चुकाई गई थी।

❓ DLTA ने AITA ट्रस्ट से कितनी राशि की मांग की है?

रोहित राजपाल के नेतृत्व वाली DLTA ने AITA ट्रस्ट से वर्ष 2006 से 2023 के बीच दिए गए लगभग 39 करोड़ रुपये की वापसी की मांग की है। इस राशि पर 18 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी मांगा गया है, जिससे कुल दावा काफी बढ़ जाता है और यह एक बड़ा वित्तीय विवाद बन गया है।

❓ गुरुग्राम भूमि सौदे का विवाद क्या है?

गुरुग्राम भूमि सौदे का विवाद राष्ट्रीय टेनिस अकादमी (NTA) से संबंधित है। यह भूमि अनिल खन्ना की कंपनियों RLF लिमिटेड और ULIL लिमिटेड ने ट्रस्ट को बेची थी। स्वामित्व हस्तांतरण में देरी के कारण ट्रस्ट ने ब्याज की मांग की, जिसके परिणामस्वरूप खन्ना ने 1.60 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

❓ इस विवाद का भारतीय टेनिस पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?

यह विवाद भारतीय टेनिस प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाता है। ऐसे आरोप खेल के विकास और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को प्रभावित कर सकते हैं। यह मामला भविष्य में खेल संघों में अधिक वित्तीय अनुशासन और नैतिक आचरण सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम कर सकता है।

📰 और पढ़ें:

Top Cricket Updates  |  Education Updates  |  Latest National News

हर अपडेट सबसे पहले पाने के लिए SadhnaNEWS.com को बुकमार्क करें।

Source: Agency Inputs
 |  Published: 04 अगस्त 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *